सीजी भास्कर, 6 मई । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की है। (CGPSC Recruitment Scam )
जस्टिस बिभु दत्त गुरु की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पेपर लीक करना मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है और ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
सीबीआई जांच में खुली भर्ती घोटाले की परतें : CGPSC Recruitment Scam
CGPSC की भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। जांच एजेंसी ने रायपुर के शांति नगर निवासी उत्कर्ष चंद्राकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि वह चयन दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से 50 से 60 लाख रुपए तक की मांग करता था।
रिजॉर्ट और होटल में ठहराकर कराया गया पेपर लीक का खेल
जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल में ठहराया गया था।बताया गया कि 12 फरवरी 2022, यानी प्रारंभिक परीक्षा से एक दिन पहले उत्कर्ष ने करीब 30 से 35 अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध करा दिए थे।मुख्य परीक्षा के दौरान भी मोबाइल के जरिए प्रश्नपत्र मंगवाकर रिजॉर्ट में ठहरे अभ्यर्थियों को उत्तर याद कराए जाते थे।
गवाह के बयान से जांच को मिली मजबूती
मामले की अहम गवाह सुषमा अग्रवाल ने मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत दिए बयान में खुलासा किया कि उत्कर्ष चंद्राकर ने उससे 25 लाख रुपए लिए थे I जांच में यह भी सामने आया कि 8 मई 2022 को बुक की गई एक बस के जरिए अभ्यर्थियों को बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां लीक प्रश्नपत्रों के आधार पर मुख्य परीक्षा की तैयारी करवाई गई। (CGPSC Recruitment Scam )


