सीजी भास्कर, 03 जनवरी। छत्तीसगढ़ की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। Chaitanya Baghel की रिहाई अब तय मानी जा रही है। कोर्ट ने इस मामले में जमानत का आदेश पहले ही पारित (Chaitanya Baghel Bail Conditions) कर दिया था, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि किन शर्तों के आधार पर उन्हें जेल से रिहा किया जा रहा है।
जिला एवं सत्र न्यायालय (डीजे कोर्ट) का रिहाई आदेश जेल प्रशासन तक पहुंच चुका है। कोर्ट का ऑर्डर लेकर वकीलों की टीम जेल पहुंच गई है और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होते ही चैतन्य बघेल की रिहाई होने की संभावना है।
पासपोर्ट जमा करना अनिवार्य
कोर्ट द्वारा तय की गई शर्तों के अनुसार, चैतन्य बघेल को अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट (Chaitanya Baghel Bail Conditions) में जमा करना होगा। इसके अलावा उन्हें जांच और ट्रायल की प्रक्रिया में पूरा सहयोग करना अनिवार्य रहेगा।
मोबाइल नंबर या पता बदलने पर देनी होगी जानकारी
अन्य शर्तों में यह भी साफ किया गया है कि वे केस से जुड़े किसी भी व्यक्ति को प्रलोभन, दबाव या धमकी नहीं देंगे। अगर भविष्य में वे अपना मोबाइल नंबर या निवास पता बदलते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत कोर्ट को देना अनिवार्य होगी। बताया जा रहा है कि चैतन्य बघेल जुलाई 2025 से जेल में बंद थे और करीब 6 महीने बाद उन्हें शर्तों के साथ जमानत मिली है।
पोस्टर विवाद पर सियासत तेज
चैतन्य बघेल की जमानत के बाद “सत्यमेव जयते” लिखे पोस्टर लगाए जाने को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू (Chaitanya Baghel Bail Conditions) हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री Ramvichar Netam ने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता Kawasi Lakhma लंबे समय से जेल में हैं, लेकिन उनके समर्थन में ऐसे पोस्टर कभी क्यों नहीं लगाए गए।
रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस में परिवारवाद को बढ़ावा दिया जाता है और गिरफ्तारी हमेशा तथ्यों व बयानों के आधार पर होती है, न कि किसी राजनीतिक दबाव में।
रिहाई के बाद बढ़ेगी सियासी हलचल
चैतन्य बघेल की रिहाई के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना (Chaitanya Baghel Bail Conditions) है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर सियासी बयान और प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।


