भिलाई भाजयुमो महामंत्री विनय सेन ने राज्य के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट को छत्तीसगढ़ के आधुनिक विज़न की दिशा में ठोस कदम बताया। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पेश तीसरा बजट “संकल्प” थीम पर आधारित है, जो काग़ज़ी नीतियों से आगे बढ़कर ज़मीनी अमल की प्रतिबद्धता दिखाता है। (Chhattisgarh Budget Vision 2026) राज्य की दीर्घकालिक विकास धुरी को रेखांकित करता है।
किसानों-युवाओं-महिलाओं पर फोकस
बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को प्राथमिकता दी गई है। विनय सेन ने कहा कि सरकार ने हर वर्ग के लिए लक्षित प्रावधान रखे हैं—जैसे किसानों को ब्याज-मुक्त ऋण और बच्चियों के 18 वर्ष पूर्ण करने पर 1.5 लाख रुपये की सहायता। ये प्रावधान (Chhattisgarh Budget Vision 2026) को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
बीते साल से 10% ज्यादा, अमल पर ज़ोर
इस बजट का आकार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक बताया गया है। नेतृत्व का दावा है कि संसाधनों का विस्तार केवल आवंटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर निगरानी भी सख़्त होगी। (Chhattisgarh Budget ) के तहत योजनाओं की डिलीवरी को ट्रैक करने के लिए विभागीय समन्वय मज़बूत किया जाएगा।
‘गारंटी’ से 2047 तक विकसित राज्य की तैयारी
विनय सेन के अनुसार, यह बजट समावेशी विकास, क्षेत्रीय संतुलन और मज़बूत आधारभूत संरचना के साथ मानव संसाधन विकास को गति देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ को ज़मीनी परिणामों में बदलने और 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में इसे निर्णायक कदम माना गया। (Chhattisgarh Budget Vision 2026) “ज्ञान-गति का संगम” बनकर उभरने की रूपरेखा पेश करता है।
कौशल, स्वरोज़गार और ITI अपग्रेड पर निवेश
बजट में युवाओं के कौशल विकास, स्वरोज़गार और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के उन्नयन पर विशेष ज़ोर दिया गया है। उद्योग-अनुकूल माहौल और ट्रेनिंग इकोसिस्टम को मज़बूत कर रोजगार सृजन बढ़ाने की रणनीति सामने आई है। (Chhattisgarh Budget Vision 2026) के तहत इन पहलों से स्थानीय प्रतिभा को अवसर मिलने की उम्मीद है।






