सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : छत्तीसगढ़ में सूर्यदेव (Chhattisgarh Heatwave Alert) के तल्ख तेवरों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के मध्य और मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि लोग अब घरों से बाहर निकलने में कतराने लगे हैं। विशेष रूप से राजनांदगांव और आसपास के जिलों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी के बीच शनिवार को राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजधानी रायपुर और दुर्ग में भी पारा 43 डिग्री के स्तर को छू चुका है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
दिन के साथ रातें भी हुई बेचैन
इस बार गर्मी का पैटर्न थोड़ा अलग और डराने वाला है। केवल दिन ही नहीं, बल्कि अब रातें भी गर्म होने लगी हैं। शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट के जंगलों और बढ़ते प्रदूषण के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि लोगों को सूर्यास्त के बाद भी राहत नहीं मिल पा रही है। इस (Chhattisgarh Heatwave Alert) की स्थिति में कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग की सख्त चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के मध्य भाग के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव जैसे प्रमुख जिलों में लू (Heatwave) की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी कई स्थानों पर तीव्र ग्रीष्म लहर चलने की प्रबल संभावना है। इस (Chhattisgarh Heatwave Alert) के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेवजह बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। शुष्क हवाओं ने नमी को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिससे त्वचा में जलन की समस्या भी देखी जा रही है।
अगले दो दिनों का पूर्वानुमान
भीषण गर्मी के बीच राहत की एक हल्की किरण भी दिखाई दे रही है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। स्थानीय मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से बहुत हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। हालांकि, यह राहत अस्थायी हो सकती है क्योंकि गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वज्रपात का भी अंदेशा जताया गया है। वर्तमान में जो (Chhattisgarh Heatwave Alert) लागू है, उसमें तापमान में किसी बड़े गिरावट की उम्मीद फिलहाल कम ही है।
तापमान का गणित और मौसमी सिस्टम
पिछले 24 घंटों का डेटा देखें तो राजनांदगांव 45 डिग्री के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, विभिन्न द्रोणिकाएं (Troughs) और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) मिलकर छत्तीसगढ़ के ऊपर एक शुष्क क्षेत्र बना रहे हैं। राजधानी रायपुर में भी रविवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जो सामान्य से काफी अधिक है।


