सीजी भास्कर, 10 अगस्त : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जजों की संख्या को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव (Chhattisgarh High Court ) होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करने की सिफारिश की है। वहीं आने वाले दो महीनों में हाईकोर्ट के तीन जजों के रिटायर होने की वजह से न्यायाधीशों की संख्या में कमी आने वाली है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक 6 अगस्त को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई थी। इसी बैठक में हाईकोर्ट के चार न्यायाधीशों को अलग-अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाने और ओडिशा हाईकोर्ट के दो जजों के तबादले की सिफारिश की गई।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के आने से लंबित मामलों की सुनवाई और उनके निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, अगले दो महीनों में तीन जजों की सेवानिवृत्ति के कारण हाईकोर्ट में जजों की संख्या पर दबाव बढ़ सकता है।
ओडिशा हाईकोर्ट के दो जजों का तबादला
कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और जस्टिस मानस रंजन पाठक का तबादला गुजरात हाईकोर्ट करने की सिफारिश की है। दोनों तबादलों के बाद संबंधित हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराने के बाद उन्होंने करीब 26 वर्षों तक सिविल, आपराधिक, संवैधानिक और सेवा संबंधी मामलों में वकालत की।
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जस्टिस मोहपात्रा ने ओडिशा सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी काम किया। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सहित कई संस्थानों से जुड़े मामलों में भी पैरवी की।
2015 में बने थे हाईकोर्ट के जज
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। अब कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उनका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तबादला किए जाने का रास्ता साफ हुआ है। उनके छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट आने से यहां लंबित मामलों की सुनवाई के लिए एक अतिरिक्त न्यायाधीश उपलब्ध होगा। ऐसे में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में कुछ मदद मिलने की संभावना है।
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अगले दो महीने में तीन जज होंगे रिटायर
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अगले दो महीनों के दौरान चीफ जस्टिस समेत तीन न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने की बात सामने आई है। जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल अगस्त में रिटायर होंगे। वहीं चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा सितंबर में सेवानिवृत्त होंगे। इन तीनों के रिटायर होने के बाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या तीन कम हो जाएगी।
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वर्तमान में 13 जज कार्यरत
फिलहाल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस समेत कुल 13 न्यायाधीश कार्यरत हैं। तीन जजों की सेवानिवृत्ति के बाद यह संख्या घटकर 10 रह जाएगी। ऐसे में जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, लंबित मामलों के बोझ को देखते हुए आने वाले समय में और नियुक्तियों की जरूरत भी महसूस हो सकती है।
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कॉलेजियम ने चार जजों को चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की
कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की गई है। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को उसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है।
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