सीजी भास्कर, 28 अगस्त : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने (Chhattisgarh Investment) की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य अपनी प्रो-एक्टिव एवं विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण वैश्विक निवेश का आदर्श गंतव्य बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरियाई ब्रांड आज हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंडई जैसी कंपनियां गाँव–गाँव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क, स्टील और उत्कृष्ट सड़क-रेल नेटवर्क जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ये संसाधन (Chhattisgarh Investment) के लिए दक्षिण कोरियाई निवेशकों को नए अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सिंगल विंडो क्लीयरेंस, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से हर स्तर पर सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेश का स्वागत करने को तैयार है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का विकास मॉडल केवल औद्योगिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर भी केंद्रित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत के राजदूत अमित कुमार से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाकात की और छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व फूड प्रोसेसिंग तक मजबूत द्विपक्षीय साझेदारी पर विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ को अपने नए औद्योगिक निवेश स्थल के रूप में चुनें और साझा समृद्धि की यात्रा का हिस्सा बनें। इस कार्यक्रम में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।