सीजी भास्कर, 07 फरवरी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राज्य में रोजगार और निवेश से जुड़े दो अहम फैसले सामने (Chhattisgarh IT MoU) आए। एक ओर 40 आईटी कंपनियों के साथ एमओयू किए गए, वहीं यस चिट फंड कंपनी के हजारों निवेशकों को उनकी जमा राशि लौटाई गई।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान हुआ। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी जीरामजी योजना, को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई और प्रभावी रोजगार योजना बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना मनरेगा के स्थान पर लागू की गई है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब साल में 125 दिनों का रोजगार (Chhattisgarh IT MoU) मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 100 दिन थी। काम उपलब्ध नहीं होने पर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है। मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह में होगा और 15 दिन से अधिक की देरी पर 0.05 प्रतिशत ब्याज भी दिया जाएगा। योजना के संचालन और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है।
भारत सरकार ने जीरामजी योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 95,692.31 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इससे पहले मनरेगा के लिए 88,000 करोड़ रुपये निर्धारित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में 40 आईटी कंपनियों और आईटी निदेशकों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर (Chhattisgarh IT MoU) किए गए। इसके साथ ही यस चिट फंड कंपनी के 4601 निवेशकों को 7 करोड़ 38 लाख 24 हजार 100 रुपये की राशि के चेक वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ठगी के मामलों में राहत दिलाने की कार्रवाई जारी रहेगी।




