सीजी भास्कर, 19 सितम्बर |Raipur News: Chhattisgarh Liquor Scam Big-Boss Chat (छत्तीसगढ़ शराब घोटाला बिग-बॉस चैट) मामले में अब नया खुलासा सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल पहले ही ईडी की गिरफ्त में हैं और अब सामने आई व्हाट्सऐप चैट ने पूरे प्रकरण को और पेचीदा बना दिया है। इस चैट में डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया के संदेश वायरल हुए हैं, जिनमें IAS अफसरों के लिए अपशब्द और गालियां लिखी गई हैं।
व्हाट्सऐप ग्रुप से उजागर हुआ नेटवर्क
Chhattisgarh Liquor Scam के मुताबिक, ‘Big-Boss’ नामक एक व्हाट्सऐप ग्रुप में सौम्या, चैतन्य, दीपेंद्र और पुष्पक सक्रिय थे। इसी ग्रुप में पैसों के लेन-देन और शराब सिंडिकेट की गतिविधियों पर चर्चा होती थी। चैट में साफ देखा गया कि सौम्या कई बार अफसरों पर नाराजगी जताती थीं और उन्हें भद्दी गालियां भी लिखती थीं।
पैसों की डिलीवरी का अलग कोड
चैट के खुलासे में सामने आया कि Chhattisgarh Liquor Scam Big-Boss Chat में पैसों की लेन-देन को अलग कोड नाम दिए जाते थे। उदाहरण के तौर पर, चैतन्य के लिए पप्पू बंसल और सौम्या के लिए दीपेंद्र कुरियर का काम करते थे। जब रकम पहुंचाई जाती थी तो उसे “डिलीवर” कहा जाता था।
पप्पू बंसल ने खोला राज
भिलाई के कारोबारी पप्पू बंसल ने पूछताछ के दौरान माना कि उसने और चैतन्य ने मिलकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक कैश को मैनेज किया। Chhattisgarh Liquor Scam से यह भी सामने आया कि यह रकम अनवर ढेबर से होते हुए कांग्रेस नेताओं तक पहुंचाई जाती थी। बंसल ने कबूल किया कि तीन महीने में ही उसके पास 136 करोड़ रुपये आए।
रियल एस्टेट में लगाया ब्लैक मनी
जांच एजेंसी के मुताबिक, चैतन्य ने विठ्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट और बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में Chhattisgarh Liquor Scam Big-Boss Chat से जुड़ी रकम निवेश की। वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था लेकिन दस्तावेजों में केवल 7.14 करोड़ दर्शाया गया। वहीं, डिजिटल जांच से पता चला कि 4.2 करोड़ कैश एक ठेकेदार को भुगतान किया गया जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं था।
मोबाइल चैट्स ने खोली परतें
मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में सौम्या, अनवर और अनिल टुटेजा की बातचीत मिली। Chhattisgarh Liquor Scam Big-Boss Chat में चैतन्य का नंबर ‘बिट्टू’ नाम से सेव था। चैट्स में नकली होलोग्राम बनाने से लेकर पैसों की डीलिंग तक के सबूत दर्ज थे।





