सीजी भास्कर, 11 जून : छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक (Chhattisgarh Monsoon Update) अब करीब पहुंच गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं और मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही प्रदेशभर में आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
बुधवार शाम रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश और बादलों की मौजूदगी से तापमान में आंशिक गिरावट देखने को मिली। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और अधिक बदल सकता है।
अगले कुछ दिनों में मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। अगले दो दिनों के बाद अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे गर्म हवाओं और उमस से परेशान लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में बीते 24 घंटों के दौरान तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ यह स्थिति धीरे-धीरे बदल सकती है और अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य स्तर की ओर लौट सकता है।
कई जिलों में दर्ज हुई बारिश (Chhattisgarh Monsoon Update)
प्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और तेज हवाएं भी चलीं। सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के प्रवेश से पहले इस तरह की प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य हैं और यही गतिविधियां प्रदेश में मौसम परिवर्तन का संकेत देती हैं।
50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है हवा
मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न इलाकों के लिए तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। विभाग का अनुमान है कि गरज-चमक के दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर इससे अधिक गति की हवाएं भी चल सकती हैं।
अगले दो दिनों तक मौसम की यह स्थिति बने रहने की संभावना है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं रुकने और पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
किसानों को दी गई विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी है। तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में रखे कृषि उपकरणों और सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगमन से पहले होने वाली बारिश खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और बुवाई की तैयारी में मदद मिलेगी।
रायपुर समेत कई शहरों में बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का स्वरूप तेजी से बदल सकता है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।



