सीजी भास्कर, 6 सितंबर : किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। धान खरीदी केंद्र (Chhattisgarh Paddy Procurement) का विस्तार करते हुए राजनांदगांव जिले में 24 नए केंद्र खोलने की अनुमति दी गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से इन केंद्रों के शुरू होने की उम्मीद है। इससे किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
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राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में नए केंद्रों की अनुमति दी गई है। इन केंद्रों के लिए सोसाइटियों का गठन पहले ही किया जा चुका है।
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इन जगहों पर खुलेंगे नए धान खरीदी केंद्र
राजनांदगांव जिले में धान खरीदी केंद्र (Chhattisgarh Paddy Procurement) के लिए धर्मापुर, आरला, बुद्धुभरदा बनहरदी, बोइरडीह, केसाल बुचाटोला, मुढ़िया, कसारी, खुड़मुड़ी, घुपसाल, भानपुरी, कनेरी, झंडातलाव, मचानपार, हरदी, बहनीभांठा, मोहड़, आसरा, पीपरखारकला, पिपरिया, कुर्रुभाठ, मासुल, चवरढाल और नवागांव समेत अन्य स्थानों का चयन किया गया है।
राज्य स्तर पर भी धान खरीदी केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित प्रदेश में कुल 354 नए धान खरीदी केंद्र खोलने की तैयारी है।
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किसानों के लिए मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
शासन ने नए धान खरीदी केंद्र (Chhattisgarh Paddy Procurement) पर किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। केंद्र के लिए समतल और ऊंची भूमि का चयन करना होगा। धान के सुरक्षित रखरखाव के लिए पर्याप्त जगह भी उपलब्ध करानी होगी।
इसके अलावा बिजली, इंटरनेट, प्रकाश और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रहेंगी। इससे खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के साथ किसानों को केंद्रों पर बेहतर सुविधा देने की तैयारी है।
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बायोमेट्रिक सत्यापन से होगी खरीदी
धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक नए केंद्र पर फिंगरप्रिंट और आइरिस डिवाइस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही धान की नमी जांचने के लिए नमी मापक यंत्र और तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे उपलब्ध कराने होंगे। धान खरीदी केंद्र (Chhattisgarh Paddy Procurement) पर जरूरी उपकरणों की व्यवस्था खरीदी शुरू होने से पहले करनी होगी।
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बारिश से धान बचाने की भी तैयारी
धान को बारिश और मौसम की दूसरी परिस्थितियों से सुरक्षित रखने के लिए पॉलीथिन कवर की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रों पर पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खरीदी के दौरान धान को नुकसान से बचाना है। साथ ही किसानों से लेकर भंडारण तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया है।
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समय पर व्यवस्था पूरी करना बड़ी चुनौती
नए केंद्र शुरू करने से पहले प्रशासन को भूमि, भंडारण, बिजली, इंटरनेट, पेयजल, प्रकाश, बायोमेट्रिक उपकरण, नमी मापक यंत्र और तौल कांटे जैसी व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से इन केंद्रों पर धान खरीदी शुरू होनी है।
ऐसे में समय सीमा के भीतर सभी संसाधन जुटाना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी। नए धान खरीदी केंद्र (Chhattisgarh Paddy Procurement) शुरू होने से किसानों को अपने क्षेत्र के नजदीक धान बेचने की सुविधा मिलेगी। साथ ही मौजूदा केंद्रों पर खरीदी का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।




