सीजी भास्कर, 27 फरवरी। माओवादी विचारधारा छोड़कर संविधान की राह अपनाने वाले 120 पुनर्वासित युवाओं ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर जनतांत्रिक व्यवस्था को नजदीक (Chhattisgarh Rehabilitated Youth) से समझा। तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर आए इस दल ने सदन की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और लोकतंत्र की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप में जाना। यह अनुभव उनके लिए प्रेरणादायी साबित हुआ।
विधानसभा परिसर में युवाओं की मुलाकात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी हुई। मुख्यमंत्री ने ‘जय जोहार’ कहकर उनका स्वागत किया और कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपनाने का उनका निर्णय सराहनीय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पुनर्वासित युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘गनतंत्र’ छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे युवाओं का सरकार स्वागत (Chhattisgarh Rehabilitated Youth) करती है। उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही स्थायी शांति और विकास का रास्ता है तथा राज्य सरकार पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।
पुनर्वासित युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विधानसभा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को देखना उनके लिए एक नई शुरुआत जैसा है। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि अब वे कानून के दायरे में रहकर समाज और राज्य के विकास में सक्रिय योगदान (Chhattisgarh Rehabilitated Youth) देंगे। उल्लेखनीय है कि इस 120 सदस्यीय दल में 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल हैं, जो शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं को समझने के उद्देश्य से रायपुर आए हैं।






