Chhattisgarh Weather Update : छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में आगामी तीन दिनों तक मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश और करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी है। खराब मौसम की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
पारे में उछाल से बढ़ेगी तपिश
मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान है कि फिलहाल तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा, लेकिन बारिश का यह दौर थमते ही गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिससे प्रदेशवासियों को चिलचिलाती धूप और उमस का सामना करना पड़ेगा।
पिछले 24 घंटों का क्षेत्रीय मौसम अपडेट
बीते एक दिन के दौरान राज्य के मध्य और उत्तरी जिलों में अंधड़ के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, राजनांदगांव 38.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस मौसमी हलचल ने कई जगहों पर जनजीवन को प्रभावित किया है।
राजधानी रायपुर में कैसा रहेगा मौसम
प्रदेश की राजधानी रायपुर में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने के आसार जताए गए हैं। यहां के तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द रहने की उम्मीद है। हालांकि, आसपास के क्षेत्रों में हो रही हलचल का आंशिक असर शहर के वातावरण पर भी देखने को मिल सकता है।
इन कारणों से बदल रहा है मौसम का तंत्र
विशेषज्ञों के मुताबिक, ओडिशा के ऊपरी वायुमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और पश्चिम बंगाल से तमिलनाडु तक सक्रिय ट्रफ लाइन की वजह से छत्तीसगढ़ के मौसम में यह अस्थिरता आई है। इसी वजह से राज्य में कहीं तेज धूप तो कहीं अचानक आंधी-बारिश जैसी विरोधाभासी स्थितियां निर्मित हो रही हैं।
सावधानी और सुरक्षा पर विशेष जोर
आने वाले दिनों में जनता को मिले-जुले मौसम का सामना करना होगा। जहां एक ओर वर्षा से तापमान में आंशिक गिरावट आएगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी रखें और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।


