Raipur Student Gas Cylinder : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर चल रही उथल-पुथल के बीच जिला प्रशासन ने छात्रों के हक में एक बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में अब शहर में रह रहे विद्यार्थियों को भोजन पकाने के लिए 5 किलो वाला छोटा गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से उन हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो किराए के कमरों या हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
इन दस्तावेजों को दिखाने पर मिलेगा कनेक्शन
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को यह सुविधा प्राप्त करने के लिए कुछ अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। गैस एजेंसियों के माध्यम से सिलेंडर प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को अपना आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र दिखाना होगा। इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद एजेंसियां तुरंत छोटा सिलेंडर जारी कर सकेंगी। प्रशासन ने वितरकों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
सिलेंडर के स्टॉक और वितरण पर समीक्षा
कलेक्टोरेट में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की गैस आपूर्ति व्यवस्था को खंगाला गया। अधिकारियों ने बताया कि रायपुर जिले में वर्तमान में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और उपभोक्ताओं को नियमों के तहत निरंतर सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। बैठक में सख्त हिदायत दी गई कि वितरण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और डिलीवरी मैन के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
रिफिलिंग के लिए नई समय सीमा निर्धारित
ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि आपूर्ति सुचारू रखने के लिए कुछ अस्थायी सीमाएं तय की गई हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर ही अगली रिफिल बुकिंग करा सकेंगे। साथ ही, अभी नए गैस कनेक्शन और सिंगल से डबल कनेक्शन में परिवर्तन करने पर अस्थाई रूप से रोक लगाई गई है।
पैनिक न होने की अपील और विशेष प्राथमिकता
ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और गैस एजेंसियों पर भीड़ या हंगामा न करें। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि एम्स और मेकाहारा जैसे अस्पतालों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में गैस की सप्लाई बिना किसी बाधा के जारी रहे। खाद्य विभाग के अधिकारी इस पूरी वितरण श्रृंखला पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि कालाबाजारी को रोका जा सके।



