सीजी भास्कर, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस (Chhattisgarh Women Congress) में नेतृत्व परिवर्तन अब अंतिम मोड़ पर है। महीनों से चल रही अंदरूनी कवायद (Internal Politics) के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष (State President) के नाम पर जल्द फैसला होने की संभावना है। चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन असली सवाल यह है कि मुहर किस खेमे (Faction) के नाम पर लगेगी।
अलका लांबा ने लिया दावेदारों का इंटरव्यू
सोमवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (All India Congress Committee) ने दिल्ली में पांच प्रमुख महिला नेताओं का इंटरव्यू लिया। इंटरव्यू देने वालों में बालोद से विधायक संगीता सिन्हा (Sangita Sinha), पूर्व विधायक छन्नी साहू (Chhanni Sahu), लक्ष्मी ध्रुव (Laxmi Dhruv), ममता चंद्राकर (Mamta Chandrakar) और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा (Tulika Karma) शामिल रहीं। सभी से संगठन, चुनावी रणनीति (Electoral Strategy) और महिला कांग्रेस को दोबारा सक्रिय करने (Revival of Women Congress) के संबंध में सवाल किए गए।
इंटरव्यू भारतीय राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा (Alka Lamba) ने लिए। पार्टी सूत्रों की मानें तो बातचीत के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। फिलहाल दौड़ में दो नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं संगीता सिन्हा और छन्नी साहू। लेकिन यह मुकाबला सिर्फ महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं है। इसे कांग्रेस (Congress Party) के दो सबसे प्रभावशाली चेहरों पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव (TS Singhdev)—के बीच शक्ति संतुलन की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है। संगीता सिन्हा को भूपेश बघेल खेमे की पसंद माना जा रहा है, जबकि छन्नी साहू को सिंहदेव का भरोसेमंद चेहरा बताया जा रहा है।
पूर्व विधायक छन्नी साहू
छन्नी साहू के मामले में दिलचस्प बात यह है कि उनका नाम करीब एक साल पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने AICC को भेज दिया था। इसके बावजूद फाइल लंबे समय तक अटकी रही। पार्टी के भीतर इसे महज प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि सियासी संतुलन (Political Balance) से जोड़कर देखा जाता रहा है। छन्नी साहू संगठन में अपनी बेबाक शैली और सदस्यता अभियान (Membership Drive) के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़ने के लिए जानी जाती हैं।
तूलिका कर्मा का नाम भी रेस में शामिल
इसी बीच शहीद महेंद्र कर्मा की बेटी तूलिका कर्मा (Tulika Karma) ने भी रेस को दिलचस्प बना दिया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी तूलिका कर्मा को हाल ही में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव (National Secretary Women Congress) और ओडिशा महिला कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली में हुए इंटरव्यू के लिए वह विशेष रूप से राजधानी पहुंचीं। संगठन में तेजी से बढ़ी उनकी भूमिका को उनके दावे की मजबूती (Strong Claim) के तौर पर देखा जा रहा है।
अब गेंद कांग्रेस हाईकमान के पास
महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद (Women Congress President) के लिए जिन पांच नामों पर विचार हो रहा है, उनमें से चार विधायक हैं। इससे साफ है कि पार्टी इस बार ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो संगठन (Organization) के साथ-साथ चुनावी मैदान (Electoral Field) में भी असरदार साबित हो सके। अब गेंद कांग्रेस हाईकमान (Congress High Command) के पाले में है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में फैसला आ सकता है, और यह फैसला सिर्फ महिला कांग्रेस का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) की अंदरूनी राजनीति (Internal Politics) की दिशा भी तय करेगा।






