सीजी भास्कर, 15 जनवरी। मकर संक्रांति के पर्व पर पतंग उड़ाने की परंपरा एक ठेका श्रमिक (Chinese Manjha Injury) के लिए जानलेवा साबित होते-होते रह गई। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के उपयोग से एक और हादसा सामने आया है, जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत एक ठेका श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। साइकिल से घर लौटते समय उसके गले में उड़ती पतंग का चाइनीज मांझा अचानक फंस गया, जिससे गले में गहरी चोट आई।
घायल व्यक्ति की पहचान चांदनी चौक, कोहका निवासी असलम (42 वर्ष) के रूप में हुई है। असलम भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिक के रूप में कार्य करता है। जानकारी के अनुसार 14 जनवरी की शाम लगभग 5 बजे वह अपनी ड्यूटी समाप्त कर साइकिल से घर लौट रहा था। फोरलेन सड़क पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण वह नंदिनी रोड होते हुए कोहका की ओर जा रहा था। इसी दौरान अचानक ऊपर उड़ रही पतंग का चाइनीज मांझा उसके गले में उलझ गया।
मांझा (Chinese Manjha Injury) गले में फंसते ही असलम साइकिल से असंतुलित हो गया और सड़क किनारे गिर पड़ा। गले में तेज जलन और कट लगने से वह लहूलुहान हो गया। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद करते हुए उसे पास के एक निजी क्लिनिक पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सक ने चोट की गंभीरता को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी।
गौरतलब है कि मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व ही नगर निगम की टीम ने शहर में चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की थी। इसके बावजूद प्रतिबंधित मांझे (Chinese Manjha Injury) का खुलेआम उपयोग होना प्रशासन की सतर्कता पर सवाल खड़े करता है। हर वर्ष त्योहारों के दौरान चाइनीज मांझे से गला कटने, घायल होने और मौत तक की घटनाएं सामने आती रही हैं, फिर भी इसका इस्तेमाल थमने का नाम नहीं ले रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल चालानी कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है। अवैध रूप से चाइनीज मांझा बेचने और उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई और लगातार निगरानी की आवश्यकता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चाइनीज मांझा आम नागरिकों, राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।


