सीजी भास्कर, 14 अप्रैल । बस्तर अंचल में गर्मी की दस्तक के साथ ही ‘जंगल के सोने’ कहे जाने वाले चार-चिरौंजी फल की बाजारों में एंट्री हो चुकी है। नारायणपुर के स्थानीय हाट-बाजारों में इन दिनों चार फल की आवक (Chironji Fruit Market Bastar) तेजी से बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों और खरीदारों के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
यह फल दिखने में छोटे अंगूर जैसा होता है, जिसका रंग गहरे बैंगनी और काले के बीच होता है। स्थानीय भाषा में इसे ‘चार’ या ‘चिरौंजी अंगूर’ कहा जाता है। इसका स्वाद मीठा और हल्का खट्टापन लिए होता है, जो इसे खास बनाता है। बाजार में चार फल की बढ़ती आवक (Chironji Fruit Market Bastar) के साथ ही लोग इसे चखने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं।
नारायणपुर के अबूझमाड़ और आसपास के घने जंगलों से आदिवासी ग्रामीण इन फलों को कड़ी मेहनत से इकट्ठा कर बाजार तक लाते हैं। यह प्रक्रिया आसान नहीं होती, क्योंकि जंगलों में ऊंचे पेड़ों से इन फलों को तोड़ना जोखिम भरा होता है। इसके बावजूद ग्रामीण बड़ी संख्या में इस वनोपज को बाजार में ला रहे हैं, जिससे चार फल का व्यापार (Chironji Fruit Market Bastar) जोर पकड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार चार फल बस्तर के सबसे महंगे वनोपजों में शामिल है। इसकी ऊंची कीमत का मुख्य कारण इसके भीतर मिलने वाली चिरौंजी है, जिसका उपयोग मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स और आयुर्वेदिक औषधियों में किया जाता है। वर्तमान में बाजारों में यह फल पत्तों से बनी दोनी में भरकर बेचा जा रहा है, जिससे इसकी पारंपरिक पहचान भी बनी हुई है। इस समय चार फल की मांग (Chironji Fruit Market Bastar) चरम पर है।
चार-चिरौंजी फल केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होते हैं। यही कारण है कि स्थानीय लोग इसे ‘जंगल का खजाना’ भी कहते हैं।
ग्रामीणों के आय का प्रमुख स्रोत
नारायणपुर जिले के साप्ताहिक बाजारों में यह फल ग्रामीणों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बन गया है। कई परिवार इन दिनों चार फल बेचकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। इस तरह चार-चिरौंजी फल का कारोबार (Chironji Fruit Market Bastar) स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
यदि आप भी बस्तर के इस अनोखे और प्राकृतिक ‘अंगूर’ का स्वाद चखना चाहते हैं, तो नारायणपुर के बाजारों में यह फल इन दिनों आसानी से उपलब्ध है और लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।


