सीजी भास्कर, 09 जून। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक मामला तेजी से चर्चा का विषय बना (CID Investigation) हुआ है। कथित हस्ताक्षर विवाद को लेकर जांच एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले में लगातार नए तथ्य सामने आने के बीच जांच की दिशा पर सबकी नजर बनी हुई है।
राजधानी कोलकाता में सोमवार को उस समय गतिविधियां बढ़ गईं, जब जांच टीम कई महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंची। दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल को लेकर शुरू हुई इस कार्रवाई ने मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
जांच के लिए पहुंची टीम : CID Investigation
कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच कर रही सीआईडी की टीम कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यालयों में पहुंची। जांच दल ने दस्तावेजों और विभिन्न रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया था।
पार्टी कार्यालय में हुई जांच
जांच एजेंसी की एक टीम उस कार्यालय में पहुंची, जो पार्टी गतिविधियों से जुड़ा माना जाता है। वहीं दूसरी टीम ने सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेजों और अभिलेखों की जानकारी जुटाई। मामला कथित तौर पर विधायकों के हस्ताक्षरों से जुड़े विवाद से संबंधित बताया जा रहा है।
कई विधायकों के दर्ज हुए बयान
जांच के दौरान अब तक कई विधायकों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। कुछ विधायकों ने दावा किया है कि बैठक से जुड़े दस्तावेजों में मौजूद हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। वहीं एक विधायक ने यह भी कहा कि वह संबंधित बैठक में शामिल ही नहीं हुए थे।
दस्तावेजों की मांगी गई जानकारी
जांच एजेंसी ने बैठक से जुड़े मूल दस्तावेज, प्रस्ताव पत्र और उपस्थिति रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए (CID Investigation) कहा है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में जवाब भी भेजा गया है और आवश्यक दस्तावेजों की जांच जारी है।
बैठक के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
विवाद उस समय बढ़ा जब कुछ विधायकों ने दावा किया कि जिस बैठक का उल्लेख दस्तावेजों में किया गया है, उससे जुड़े रिकॉर्ड और हस्ताक्षरों को लेकर कई सवाल हैं। शिकायतकर्ताओं ने दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर भी संदेह जताया है।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
मामले में शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया (CID Investigation) गया था। बाद में जांच राज्य की विशेष एजेंसी को सौंप दी गई। अब जांच टीम दस्तावेजों की सत्यता, हस्ताक्षरों की जांच और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।



