सीजी भास्कर, 26 जुलाई : भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की नंदिनी माइंस टाउनशिप (BSP Quarter Encroachment) एक बार फिर सरकारी आवासों में कथित अवैध कब्जे और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चा में है। स्थानीय नागरिकों ने बीएसपी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए टाउनशिप के क्वार्टरों में अवैध कब्जे, किराया कारोबार, बिजली-पानी चोरी और व्यावसायिक उपयोग के आरोप लगाए हैं।
1200 क्वार्टरों में 650 पर कब्जे का दावा : BSP Quarter Encroachment
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि नंदिनी माइंस टाउनशिप में करीब 1200 सरकारी क्वार्टर हैं, जिनमें से लगभग 650 आवासों पर अवैध कब्जा किया गया है। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रही इन अनियमितताओं के कारण बीएसपी को राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या किसी जांच रिपोर्ट की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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क्वार्टर किराये पर देने का आरोप : BSP Quarter Encroachment
नागरिकों का आरोप है कि कुछ सरकारी शिक्षक और अन्य आवंटित व्यक्ति अपने नाम से मिले बीएसपी क्वार्टरों को नियमों के विपरीत किराये पर चला रहे हैं। वहीं कुछ बीएसपी कर्मचारियों द्वारा दो-दो क्वार्टर आवंटित कराकर उन्हें करीब 6 हजार रुपए प्रतिमाह तक किराये पर देने का दावा भी किया गया है।
इसके अलावा कुछ क्वार्टरों में बिना अनुमति स्कूल संचालन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
मार्केट क्षेत्र में अवैध निर्माण और कनेक्शन के आरोप
टाउनशिप मार्केट को लेकर भी स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई स्थानों पर अवैध निर्माण कर बड़े मकान, दुकानें, गैरेज और वर्कशॉप तैयार किए गए हैं।
नागरिकों ने कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कथित अवैध बिजली और नल कनेक्शन की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने वर्षों पुराने “काले मीटर” की जांच और उन्हें बदलने की भी मांग उठाई है।
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भौतिक सत्यापन की मांग : BSP Quarter Encroachment
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे टाउनशिप के क्वार्टरों और व्यावसायिक परिसरों का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराया जाए तो सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और संभावित राजस्व नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
उन्होंने बीएसपी प्रबंधन से अवैध कब्जों की जांच, बिजली-पानी चोरी की पड़ताल और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बीएसपी प्रशासन ने टिप्पणी से किया इनकार
मामले में बीएसपी प्रशासन विभाग के सहायक प्रबंधक एसएन शुक्ला से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि संबंधित जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप स्थानीय नागरिकों की ओर से हैं। बीएसपी प्रबंधन की ओर से किसी विस्तृत जांच रिपोर्ट या आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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