सीजी भास्कर, 04 मई : छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में साइबर ठगों (Bhilai Cyber Fraud) ने एक सेवानिवृत्त बीएसपी कर्मचारी की जीवन भर की जमा पूंजी पर हाथ साफ कर दिया है। ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगों ने आमदी नगर हुडको निवासी जयंत बागची (61 वर्ष) से कुल 45 लाख 18 हजार 998 रुपये ठग लिए। भिलाई नगर थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 10 मार्च को शुरू हुआ जब जयंत बागची फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें देश की वित्तमंत्री के नाम से निवेश संबंधी एक विज्ञापन दिखा। इस विज्ञापन से प्रभावित होकर उन्होंने दिए गए लिंक पर क्लिक किया और अपना रजिस्ट्रेशन कराया। शुरुआत में उनसे पंजीयन शुल्क के नाम पर 18 हजार 998 रुपये जमा कराए गए।
इसके बाद शातिर ठगों (Bhilai Cyber Fraud) ने खुद को एक अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग नेटवर्क का हिस्सा बताया। उन्होंने दावा किया कि उनका व्यापार अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में फैला हुआ है। इस बड़े नेटवर्क और भारी रिटर्न के झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग तारीखों में किस्तों में रकम जमा करना शुरू कर दिया।
टैक्स और निकासी के नाम पर वसूले लाखों
ठगों (Bhilai Cyber Fraud) ने जयंत बागची के फर्जी ट्रेडिंग खाते में भारी मुनाफा दिखाया और उन्हें करीब 2.70 लाख अमेरिकी डॉलर की निकासी का लालच दिया। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो ठगों ने ‘क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन’ और टैक्स जमा करने के नाम पर पहले 34 लाख रुपये वसूले। इसके बाद भी जब ठगों का मन नहीं भरा, तो उन्होंने 12 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाना शुरू किया। लगातार पैसों की मांग होने पर जयंत बागची को ठगी का अहसास हुआ।
धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और बैंक को सूचित किया। भिलाई नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन खातों की जांच कर रही है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।


