सीजी भास्कर, 04 मई । कांकेर जिले में सोमवार को हुई बैठक के बाद प्रशासनिक हलचल बढ़ती नजर आई। अधिकारियों के बीच लगातार चर्चा चलती रही और कई अहम मुद्दों पर फोकस किया गया। बैठक के बाद साफ संकेत मिले कि अब जमीन पर सख्ती बढ़ने वाली है।
जिले के अलग अलग विभागों से जुड़े अधिकारी मौजूद (Illegal Mining) थे और सभी को अपने अपने काम की समीक्षा के साथ आगे की दिशा तय करने को कहा गया। माहौल ऐसा था जहां हर बिंदु पर स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे थे।
अवैध उत्खनन पर कड़ा रुख Illegal Mining
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण जरूरी है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सक्रिय रहना होगा।
धान उठाव और राजस्व मामलों पर जोर (Illegal Mining)
बैठक में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के उठाव के बाद बचे हुए धान के समाधान पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही राजस्व से जुड़े मामलों जैसे नामांतरण, बंटवारा और त्रुटि सुधार को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
खरीफ और पौधरोपण की तैयारी
आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही पौधरोपण के लिए अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश भी दिए गए ताकि समय पर काम पूरा हो सके।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस
जिले में चल रहे अभियानों और योजनाओं को गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया (Illegal Mining) गया। पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्रशासनिक प्रक्रिया को मजबूत करने के निर्देश
शासकीय कार्यालयों को बिना अनुमति बैंक खाता न खोलने की हिदायत दी गई। साथ ही खनिज निधि से किए गए कार्यों में स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया। ई ऑफिस के माध्यम से फाइल भेजने, बायोमेट्रिक उपस्थिति और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी नियमित रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
इस बैठक में जिला पंचायत और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अपने अपने विभागों की स्थिति साझा की और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की।


