सीजी भास्कर, 25 जुलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में सामने आए 114 करोड़ रुपये के कथित लोहा चोरी मामले में पुलिस ने अब तक कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह समेत 15 लोगों को गिरफ्तार (BSP Iron Theft) किया है। जांच में सामने आया है कि यह काम एक संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा था।

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पुलिस जांच में सामने आए बड़े खुलासे BSP Iron Theft
फ्ल्यू डस्ट की आड़ में ट्रकों से कीमती लोहा प्लांट से बाहर निकाला जाता था।
ट्रकों के जीपीएस और नंबर प्लेट बदलकर सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दिया जाता था।
कुछ ट्रकों में गुप्त चेंबर बनाए गए थे, जिनमें लोहा छिपाकर ले जाया जाता था।
जांच के मुताबिक लेबर आईडी का इस्तेमाल कर प्लांट के भीतर आवाजाही की जाती थी।
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ऐसे पहुंचता था खरीदार तक माल
पुलिस के अनुसार प्लांट से बाहर निकलने के बाद लोहा पहले गोदाम ले जाया जाता था। वहां छंटाई और फर्जी बिल तैयार करने के बाद इसे रोलिंग मिलों तक पहुंचाया जाता था। मामले में कुछ अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।
114 करोड़ रुपये तक की चोरी का अनुमान
जांच एजेंसियों का अनुमान है कि छह महीने में करीब 20,800 टन लोहा प्लांट से बाहर निकाला गया, जिसकी बाजार कीमत 104 से 114 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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