सीजी भास्कर 1 मई I महिला आरक्षण के मुद्दे पर गुरुवार शाम बिलासपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा महज 15 मिनट में समाप्त हो गई। बैठक के दौरान भाजपा ने विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने सभा का बहिष्कार कर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। (Condemnation motion on women reservation in Bilaspur)
बैठक से पहले ही बढ़ा सियासी तनाव : Condemnation motion on women reservation in Bilaspur
सामान्य सभा से पहले ही माहौल गरम था। भाजपा पार्षद रंगानादम एक बार फिर चर्चा में रहे। एक दिन पहले हुई पार्षद दल की बैठक में मेयर पूजा विधानी और उनके बीच तीखी बहस हुई थी। विरोध जताने के लिए वे सभा में मास्क पहनकर पहुंचे और कांग्रेस पार्षदों को भी मास्क बांटते नजर आए।
45 मिनट देरी से शुरू हुई बैठक
नगर निगम सचिवालय में शाम 4 बजे प्रस्तावित बैठक पार्षदों के देर से पहुंचने के कारण 45 मिनट देरी से शुरू हुई। राष्ट्रगान और छत्तीसगढ़ महतारी वंदना के बाद सभापति ने विषय रखा और नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका दिया।
कांग्रेस ने उठाए स्थानीय मुद्दे, फिर किया वॉकआउट
चर्चा के दौरान कांग्रेस की ओर से भरत कश्यप ने सफाई, पानी, टैक्स और शहर की बुनियादी समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्दों के बजाय राष्ट्रीय विषयों पर सभा बुलाना उचित नहीं है। इसे “पुराने बिल पर नई राजनीति” बताते हुए कांग्रेस पार्षदों ने वॉकआउट कर दिया।
दो मिनट में भाषण, निंदा प्रस्ताव पारित
कांग्रेस पार्षदों के बाहर जाते ही मेयर पूजा विधानी ने संक्षिप्त भाषण दिया और महज दो मिनट में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर सभा समाप्त कर दी। (Condemnation motion on women reservation in Bilaspur)
पोस्टर के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन
सभा के बहिष्कार के बाद कांग्रेस पार्षदों ने 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक के पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सरकार पर राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई।
भाजपा का पलटवार, कांग्रेस को बताया महिला विरोधी
दूसरी ओर भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे महिला विरोधी बताया। मेयर पूजा विधानी सहित भाजपा नेताओं ने भी पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया। (Condemnation motion on women reservation in Bilaspur)
महिला मुद्दे पर चर्चा, लेकिन महिलाओं को मौका नहीं
महिला आरक्षण जैसे मुद्दे पर बुलाई गई बैठक में किसी भी महिला पार्षद को बोलने का अवसर नहीं मिला। कांग्रेस की उप नेता प्रतिपक्ष संतोषी बघेल को भी बोलने का मौका नहीं दिया गया, जिसके बाद बैठक औपचारिक रूप से समाप्त हो गई।


