सीजी भास्कर, 05 जून : राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों (Congress Rajya Sabha Candidates) की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने अपने सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ों में शामिल कर्नाटक से तीन बड़े नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा तथा अल्पसंख्यक समुदाय के प्रमुख चेहरे मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद जारी सूची में सबसे ज्यादा चर्चा पवन खेड़ा के नाम को लेकर हो रही है। पार्टी ने उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती और झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है।
कर्नाटक में कांग्रेस का मजबूत गणित
224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस (Congress Rajya Sabha Candidates) के पास फिलहाल 136 विधायक हैं और राज्य में उसकी पूर्ण बहुमत की सरकार है। इस बार कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव होना है। चुनावी गणित के अनुसार एक उम्मीदवार को जीत के लिए लगभग 45 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।इस हिसाब से कांग्रेस अपने दम पर तीन उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है। 136 विधायकों के बल पर पार्टी के पास तीन सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है।
तीसरी सीट पर नजरें क्यों
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग होती है तो तीसरी सीट का मुकाबला रोचक हो सकता है। कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के 66 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी दल जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस के 18 विधायक हैं।
गणित के अनुसार भाजपा एक सीट आसानी से जीत सकती है। इसके बाद उसके पास 21 वोट बचेंगे। यदि जेडीएस के 18 वोट भी जोड़ दिए जाएं तो यह संख्या 39 तक पहुंच जाती है। ऐसे में विपक्ष को एक अतिरिक्त सीट जीतने के लिए करीब 6 और वोटों की जरूरत होगी।
खड़गे की रणनीति पर सबकी नजर
कांग्रेस ने कर्नाटक से अपने तीन प्रमुख चेहरों को उतारकर साफ संकेत दिया है कि पार्टी राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मतदान के दौरान कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने में कितनी सफल रहती है और क्या विपक्ष किसी तरह की राजनीतिक सेंध लगाने में कामयाब हो पाता है।




