सीजी भास्कर 18 अप्रैल
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में इन दिनों आपसी कलह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पहले प्रवक्ताओं को मीडिया में बयान देने को लेकर निर्देश जारी किए गए थे, वहीं अब कई प्रवक्ताओं को पार्टी के ‘सोशल मीडिया परिचर्चा’ ग्रुप से हटाए जाने का मामला सामने आया है।
संजीव शुक्ला, विनयशील और देवेंद्र यादव समेत करीब पांच लोगों को ग्रुप से बाहर किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
साथ ही कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच खींचतान की चर्चाएं भी बढ़ गई हैं। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि जिन्हें हटाया गया है वो एक्टिव नहीं थे, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
सुशील आनंद शुक्ला बोले- एक्टिव नहीं थे, इसलिए हटाया
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पार्टी में किसी भी तरह का विवाद या मनमुटाव नहीं है, जिस ग्रुप की बात की जा रही है, उसमें कई कार्यकर्ता जुड़े हुए थे और जो लंबे समय से सक्रिय नहीं थे, उन्हें हटाया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवक्ताओं को मीडिया में बाइट देने से मना नहीं किया गया है, बल्कि केवल यह निर्देश दिया गया है कि वे अपनी बाइट की जानकारी पहले से प्रदेश अध्यक्ष और संचार विभाग को उपलब्ध कराएं।
पहले भी सामने आ चुका है विवाद
इससे पहले रायपुर में कांग्रेस संगठन के भीतर वार्ड अध्यक्षों की सूची को लेकर विवाद सामने आ चुका है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सभी जिलाध्यक्षों को 15 अप्रैल तक नई कार्यकारिणी गठित करने के निर्देश दिए थे।
इसी बीच रायपुर शहर कांग्रेस ने 66 वार्ड अध्यक्षों की सूची जारी कर दी, जिसे कुछ ही घंटों बाद पीसीसी ने निरस्त कर दिया। पीसीसी ने साफ किया कि सूची जारी करने से पहले अनुमोदन नहीं लिया गया था, इसलिए इसे अवैधानिक माना गया।


