सीजी भास्कर, 8 जनवरी। कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं की नियुक्तियों (Congress Senior Election Observer 2026)
का ऐलान कर दिया है। भूपेश बघेल, सचिन पायलट, डीके शिवकुमार से लेकर मुकुल वासनिक तक को असम, केरल, बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी समेत पांच राज्यों के चुनाव के लिए वरिष्ठ चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इन राज्यों में कांग्रेस विशेष रूप से असम और केरल में सत्ता में वापसी की संभावनाएं तलाश रही है।
पिछले हफ्ते उम्मीदवारों के चयन के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन करने के बाद कांग्रेस ने चुनावी पर्यवेक्षकों की सूची जारी की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और बंधु तिर्की को असम का वरिष्ठ चुनाव पर्यवेक्षक बनाया। वहीं कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के साथ सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, कन्हैया कुमार और केजे जार्ज को केरल का वरिष्ठ चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में मुकुल वासनिक के साथ तेलंगाना के मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया। बंगाल में सुदीप राय बर्मन के साथ उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रकाश जोशी और बिहार के शकील अहमद खान को नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के माध्यम से (Congress Senior Election Observer 2026) पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी राज्यों में चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि वरिष्ठ चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नेताओं को स्थानीय चुनावी परिस्थितियों और उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग में विशेषज्ञ मार्गदर्शन देने में सक्षम बनाएगी। यह नियुक्ति (Congress Senior Election Observer 2026) लंबे समय बाद असम और केरल में सत्ता में वापसी की उम्मीदों को और मजबूत कर सकती है। कुल मिलाकर, पांच राज्यों में कांग्रेस की रणनीति अब वरिष्ठ चुनाव पर्यवेक्षकों के नेतृत्व में परिपक्व होगी, और पार्टी उम्मीद कर रही है कि इन नियुक्तियों से चुनावी प्रक्रिया में अनुशासन और प्रभावशीलता आएगी।



