सीजी भास्कर, 04 फरवरी| कांग्रेस पार्टी के नव-नियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के लिए 10 फरवरी 2026 को राजधानी दिल्ली में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित (Congress Training Program) किया जाएगा। इस अहम ट्रेनिंग में छत्तीसगढ़ सहित जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, तमिलनाडु समेत कई राज्यों के जिलाध्यक्ष हिस्सा लेंगे। पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती देने में जिलाध्यक्षों की भूमिका सबसे अहम होती है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का फोकस जिलाध्यक्षों को वैचारिक, संगठनात्मक और रणनीतिक रूप से सशक्त बनाने पर है, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना मजबूती से किया जा सके।
दो चरणों में होगा अनिवार्य प्रशिक्षण
कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, सभी नव-नियुक्त जिलाध्यक्षों के लिए यह प्रशिक्षण अनिवार्य होगा और इसे दो चरणों में पूरा (Congress Training Program) किया जाएगा।
पहला चरण:
10 फरवरी 2026 को एक दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन
दूसरा चरण:
इसके बाद 10 दिनों का विस्तृत एवं आवासीय प्रशिक्षण शिविर
पहला चरण 10 फरवरी को सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक इंदिरा भवन में आयोजित किया जाएगा।
राहुल गांधी करेंगे सीधा संवाद
प्रशिक्षण के दौरान राहुल गांधी जिलाध्यक्षों को संबोधित करेंगे और उनके साथ सीधा संवाद भी करेंगे। इस दौरान वन-टू-वन चर्चा के जरिए जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों की सामाजिक परिस्थितियों, राजनीतिक चुनौतियों, संगठन की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर खुलकर अपनी बात रख सकेंगे।
संगठन, मीडिया और डिजिटल रणनीति पर खास जोर
ट्रेनिंग सत्रों में बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करने, मीडिया मैनेजमेंट, प्रभावी संवाद, सोशल मीडिया कैंपेन, डिजिटल रणनीति और जनसंपर्क जैसे विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण (Congress Training Program) दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी जिलाध्यक्षों को निर्धारित स्थल पर ही ठहरना अनिवार्य होगा।
ट्रेनिंग से पहले जरूरी तैयारी
कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों को प्रशिक्षण से पहले कुछ आवश्यक तैयारियों के निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि सत्रों के दौरान जमीनी अनुभव और संगठनात्मक फीडबैक पर प्रभावी चर्चा हो सके। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस प्रशिक्षण के बाद कांग्रेस संगठन के कामकाज और रणनीति में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





