सीजी भास्कर, 19 सितंबर। सरकारी खरीदी प्रक्रियाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला रोटी मेकिंग मशीन की खरीद से जुड़ा है, जिसने शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर खुलासे के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, रोटी मेकिंग मशीन की वास्तविक बाजार कीमत 50 से 60 हजार रुपए बताई जा रही है। लेकिन विभाग ने इसी मशीन को लगभग 7 लाख 95 हजार रुपए में खरीदा। कीमत में इस भारी अंतर ने भ्रष्टाचार (Corruption Scandal) के आरोपों को हवा दी है।
मामले के तूल पकड़ने पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने प्रमुख सचिव को निर्देश दिए हैं कि सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट (Corruption Scandal) प्रस्तुत की जाए और वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाए। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई तय है।
खरीदी की पूरी कहानी
जानकारी के अनुसार, प्रयास विद्यालयों में रोटी मेकिंग मशीन, कंप्यूटर, कंप्यूटर टेबल, कुर्सी और अन्य उपकरण खरीदे गए थे। इसके लिए शासन द्वारा 275 (1) मद अंतर्गत राशि जारी की गई थी। लेकिन अब इन्हीं खरीदारियों को लेकर संदेह गहराया है। आरोप है कि मशीनों और उपकरणों की कीमतें वास्तविक बाजार दर से कई गुना अधिक दर्शाई गईं। यही कारण है कि पूरे विभाग पर भ्रष्टाचार (Corruption Scandal) की छाया पड़ गई है।
सोशल मीडिया पर उठा तूफ़ान
इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं कि आखिर एक साधारण रोटी मेकिंग मशीन की कीमत कैसे सात लाख से अधिक बताई जा सकती है। विपक्षी नेताओं ने भी इसे भ्रष्टाचार (Corruption Scandal) का ताज़ा उदाहरण करार दिया है और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रामविचार नेताम ने कहा है कि पारदर्शिता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच रिपोर्ट में सभी विवरण स्पष्ट होने चाहिए। मंत्री का कहना है कि खरीदी में किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं पर कठोर कार्रवाई होगी। विभागीय स्तर पर भी निगरानी तेज कर दी गई है।
आगे की कार्यवाही
अभी जांच प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह शिक्षा संस्थानों से जुड़ा सबसे बड़ा घोटाला (Corruption Scandal) बन सकता है। वहीं, सरकार की साख पर भी बड़ा असर पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।



