सीजी भास्कर, 14 जून। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ चल रही कार्रवाई ने अब निर्णायक रूप ले लिया है। विधायक रिकेश सेन द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दे और प्रशासन को भेजे गए पत्रों के बाद जिला प्रशासन तथा नगर पालिक निगम भिलाई ने बड़ा कदम उठाते हुए कुरूद और कोहका क्षेत्र के कई विवादित खसरों के क्रय-विक्रय एवं पंजीयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। (Crackdown on illegal plotting)
प्रशासन ने दिखाई तत्परता : Crackdown on illegal plotting
जानकारी के अनुसार विधायक रिकेश सेन द्वारा अवैध प्लाटिंग की शिकायत शासन और जिला प्रशासन तक पहुंचाई गई थी। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा ने मामले का परीक्षण कराया। अतिरिक्त तहसीलदार भिलाई नगर की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित खसरों में जमीन की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया गया।
इस निर्णय का उद्देश्य उन लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है जो बिना वैधानिक अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश कर आर्थिक नुकसान का जोखिम उठा सकते हैं।
निगम ने पंजीयन विभाग को भेजा पत्र
इसी क्रम में नगर पालिक निगम भिलाई ने जिला पंजीयक कार्यालय को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध रूप से विकसित किए गए भूखंडों की रजिस्ट्री पर रोक सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का मानना है कि इससे भविष्य में होने वाले विवादों और धोखाधड़ी की संभावनाओं पर अंकुश लगेगा।
आर्य नगर कोहका के इन खसरों पर कार्रवाई
नगर निगम द्वारा जारी पत्र के अनुसार कोहका स्थित आर्य नगर क्षेत्र के निम्न खसरों में अवैध प्लाटिंग की पुष्टि हुई है—
खसरा नंबर : Crackdown on illegal plotting
802/17
725/3
726/4
727/3
801/6
724/27
723/3
इन सभी भूखंडों के पंजीयन पर रोक लगाने की अनुशंसा की गई है।
कुरूद और कैलाश नगर भी कार्रवाई के दायरे में
इसके अलावा कुरूद एवं कैलाश नगर क्षेत्र के कई खसरों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
1512
1512/1 से 1512/22
1313/15
1313/9
1316/1
1315/1
1315/2
1504/2
1504/5
1513/2
1513/4
शामिल हैं।
एम.पी. क्रिश्चियन कॉलेज के आसपास भी रोक : Crackdown on illegal plotting
प्रशासन ने एम.पी. क्रिश्चियन कॉलेज के समीप स्थित कुछ भूमि खंडों पर भी कार्रवाई की है। जारी आदेश के तहत खसरा नंबर 1611/1, 1566, 1567 तथा इनके विभाजित हिस्सों की खरीदी-बिक्री पर भी प्रतिबंध लागू किया गया है।
कानून तोड़ने वालों पर सख्त प्रावधान
नगर निगम के अनुसार संबंधित कॉलोनाइजरों एवं भूमिधारकों द्वारा कॉलोनाइजर पंजीयन संबंधी नियमों तथा नगरीय निकायों के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के तहत कारावास और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान मौजूद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई न केवल अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाएगी बल्कि भविष्य में जमीन खरीदने वाले नागरिकों को भी सतर्क रहने का संदेश देगी।
अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई।
विवादित खसरों की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाई गई।
जमीन खरीदारों को संभावित धोखाधड़ी से बचाने का प्रयास।
भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों पर कानूनी दबाव बढ़ा।
वैध कॉलोनी विकास और नियोजन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की पहल के बाद भिलाई के कुरूद और कोहका क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग से जुड़े कई खसरों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।




