सीजी भास्कर, 09 जनवरी। देश के किसानों के लिए सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले क्राप आइकॉन अवार्ड-2026 की राष्ट्रीय चयन समिति में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ और जैविक खेती के अग्रदूत डॉ. राजाराम त्रिपाठी को जूरी सदस्य के रूप में नामित (Crop Icon Award Jury) किया गया है। कृषि नवाचार और किसान हितों के लिए लंबे समय से कार्य कर रहे डॉ. त्रिपाठी की यह जिम्मेदारी देशभर के उन्नत किसानों के चयन को नई विश्वसनीयता देने वाली मानी जा रही है।
क्राप आइकॉन अवार्ड ऐसा राष्ट्रीय मंच है, जहां देश के अलग-अलग राज्यों से चयनित किसान अपनी मेहनत, उत्पादन क्षमता और नवाचार के बल पर पहचान बनाते हैं। इस पुरस्कार के माध्यम से उन किसानों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने खेती को सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि एक सफल उद्यम के रूप में स्थापित किया है।
बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया से गुजरते हैं किसान
इस अवार्ड के लिए देशभर से किसान पंजीयन करते हैं। पंजीयन के बाद चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाती है, जिसमें वैज्ञानिक मूल्यांकन, तकनीकी परीक्षण और क्षेत्रीय स्तर पर फील्ड आकलन शामिल होता है। इसके बाद ही श्रेष्ठ किसानों का अंतिम चयन किया (Crop Icon Award Jury) जाता है। चयनित किसानों के नामों की घोषणा के साथ राष्ट्रीय राजधानी में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाता है।
समारोह में मिलती है राष्ट्रीय पहचान
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल होते हैं। प्रमुख फसलों जैसे गेहूं, धान, दलहन, तिलहन, मसाले, फल-सब्जी, बागवानी और हॉर्टिकल्चर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को यहां सम्मानित किया जाता है।
डॉ. त्रिपाठी की प्रतिक्रिया
जूरी सदस्य के रूप में नामित होने पर डॉ. राजाराम त्रिपाठी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता किसान हित, पारदर्शिता और पूर्ण निष्पक्षता रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात या भेदभाव को स्थान नहीं दिया जाएगा।
किसानों के लिए संदेश
डॉ. त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ सहित देशभर के किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लें और अपनी मेहनत व नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएं।
कृषि क्षेत्र में लंबे अनुभव और व्यावहारिक समझ के कारण डॉ. राजाराम त्रिपाठी की जूरी में मौजूदगी को किसानों और कृषि विशेषज्ञों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत (Crop Icon Award Jury) के रूप में देखा जा रहा है। यह नियुक्ति न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है, बल्कि देशभर के किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।

