सीजी भास्कर, 1 जनवरी। बस्तर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए दिल्ली से पांच अंतरराज्यीय साइबर ठगों (Cyber Fraud Arrest Delhi) को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में इस ठगी का मास्टरमाइंड ओमप्रकाश गुप्ता और चार युवतियां शामिल हैं। इन पर बजाज एलियांज इंश्योरेंस कंपनी के नाम पर नगरनार क्षेत्र के एक व्यक्ति से करीब 20 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है।
यह मामला नगरनार निवासी कमलोचन कश्यप से जुड़ा है, जिन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2020 में उन्होंने बीमा अभिकर्ता अंचल हिल के माध्यम से बजाज एलियांज इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की फ्यूचर गेन पॉलिसी ली थी। एजेंट ने उन्हें यह कहकर झांसे में लिया कि यदि वे एकमुश्त एक लाख रुपये जमा करेंगे तो 10 वर्ष बाद राशि दोगुनी होकर मिलेगी। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर उनसे लगातार पैसे ट्रांसफर कराए गए और कुल मिलाकर लगभग 20 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
दिल्ली में चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर
मामले की गंभीरता को देखते हुए बस्तर पुलिस ने साइबर सेल (Cyber Fraud Arrest Delhi) की मदद से जांच शुरू की। विवेचना के दौरान बैंक खातों की गहन जांच, फर्जी सिम कार्ड का विश्लेषण, संदेहास्पद ट्रांजैक्शन का तकनीकी परीक्षण और एटीएम से रकम निकासी की जानकारी जुटाई गई। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस को दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का सुराग मिला।
मास्टरमाइंड समेत चार युवतियां गिरफ्तार
सूचना के आधार पर बस्तर पुलिस की एक विशेष टीम दिल्ली रवाना हुई और वहां से मुख्य आरोपित ओमप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। ओमप्रकाश दिल्ली के उत्तमनगर थाना क्षेत्र के विकासनगर (रनहोला आउटर दिल्ली) स्थित 27-बी, गली नंबर-6 का निवासी है। उसके साथ चार युवतियों — दक्षा उर्फ नेहा, शिखा गुप्ता, खुशी और अंजली चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के कब्जे से मोबाइल फोन, वायरलेस फोन, कार और ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसपी बस्तर ने दी पूरी जानकारी
बुधवार को सभी आरोपितों को लेकर पुलिस त्रिवेणी परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पहुंची। इस दौरान एसपी बस्तर शलभ सिन्हा ने बताया कि यह पूरा गिरोह सुनियोजित तरीके से इंश्योरेंस के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी (Cyber Fraud Arrest Delhi) कर रहा था। पुलिस आगे की जांच में यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने प्रदेश या देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है या नहीं।





