सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों ने अपने हक की आवाज बुलंद करते हुए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन’ के बैनर तले सरकार को घेरा है। फेडरेशन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब और इंतजार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में फेडरेशन ने लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते को (DA Arrear Update) के साथ तुरंत जारी करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के दौर में यह देरी उनके आर्थिक हितों पर सीधा प्रहार है।
घोषणा पत्र की याद: “वादों का क्या हुआ
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक और प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ, श्री कमल वर्मा ने तीखे स्वर में कहा कि वर्तमान सरकार सत्ता में आने से पहले किए गए अपने वादों को भूल रही है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में प्रदेश के शासकीय सेवकों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता और (DA Arrear Update) देने की गारंटी दी थी। लेकिन आज स्थिति यह है कि कर्मचारी अपने ही हक के लिए दर-दर भटक रहे हैं। श्री वर्मा ने सरकार को याद दिलाया कि वादे के मुताबिक प्रदेश और केंद्र के बीच भत्ते का कोई अंतर नहीं होना चाहिए।
कर्मचारियों को भारी नुकसान
वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारी 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे हैं, जो केंद्र सरकार की वर्तमान दर से 2 प्रतिशत कम है। केंद्र सरकार ने 01 जनवरी 2026 से ही अपने कर्मचारियों के लिए 2 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि को हरी झंडी दे दी है। राज्य सरकार की इस सुस्ती के कारण कर्मचारियों के वेतन में हर महीने एक बड़ा अंतर आ रहा है। फेडरेशन ने इस (DA Arrear Update) की फाइल को तुरंत आगे बढ़ाने की मांग की है ताकि राज्य के कर्मचारियों का डीए भी बढ़कर 60 प्रतिशत हो सके।
बेबस हुए पेंशनर्स और कर्मचारी
ज्ञापन में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि बाजार में बढ़ती कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। पेट्रोल-डीजल से लेकर खाद्य पदार्थों तक की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसी स्थिति में, लंबित (DA Arrear Update) न मिलना कर्मचारियों और विशेषकर पेंशनरों के लिए जीवन निर्वाह में बाधा बन रहा है। पेंशनरों को अपनी दवाइयों और दैनिक जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
देय तिथि से एरियर की मांग पर अड़े कर्मचारी
फेडरेशन का मुख्य जोर इस बात पर है कि महंगाई भत्ता केवल घोषित न हो, बल्कि वह एरियर सहित मिले। उनकी मांग है कि 01 जनवरी 2026 से आज तक की अंतर राशि का भुगतान (DA Arrear Update) के रूप में किया जाए। कर्मचारियों का तर्क है कि विलंब उनकी ओर से नहीं, बल्कि शासन की ओर से हुआ है, इसलिए उन्हें एरियर का पूरा लाभ मिलना चाहिए। आर्थिक लाभ की यह फाइल जितनी देरी से खुलेगी, कर्मचारियों का असंतोष उतना ही बढ़ता जाएगा।
प्रशासनिक शिथिलता पर उठाए सवाल
कमल वर्मा ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार निर्णय ले चुकी है, तो राज्य में आदेश जारी करने में इतनी देरी क्यों हो रही है? इस (DA Arrear Update) को लेकर बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। फेडरेशन ने अनुरोध किया है कि मुख्यमंत्री स्वयं इस संवेदनशील मुद्दे पर संज्ञान लें और वित्त विभाग को त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित करें।
आर-पार की लड़ाई के संकेत
कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि वे अब और अधिक टालमटोल के मूड में नहीं हैं। यदि सरकार ने शीघ्र ही (DA Arrear Update) पर कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। शासकीय सेवकों का कहना है कि वे सरकार के साथ सहयोग करना चाहते हैं, लेकिन उनके धैर्य की परीक्षा न ली जाए। मुख्यमंत्री को भेजे गए इस पत्र को एक अंतिम चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।


