सीजी भास्कर, 28 मई : छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में एक ऐसा अनूठा अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसने देश के ‘वीआईपी कल्चर’ और शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची पर गहरा प्रहार किया है। बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दीपेश साहू (Deepesh Sahu Mass Marriage) ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसकी चहुंओर सराहना हो रही है।
विधायक दीपेश साहू आगामी 31 मई को जिला मुख्यालय स्थित बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले शासकीय ‘मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह योजना’ के मंच पर आम जनता के बीच शादी करेंगे। राज्य के इतिहास में यह पहला मौका है जब कोई मौजूदा विधायक तामझाम छोड़कर इस तरह सरकारी योजना के तहत परिणय सूत्र में बंधने जा रहा है, जिससे (Deepesh Sahu Mass Marriage) का यह आयोजन पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
विधायक दीपेश साहू, सुश्री तरूणा साहू के साथ अपने दांपत्य जीवन की नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। अमूमन राजनेताओं की शादियों में जहां करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाते हैं और आलीशान रिसॉर्ट्स बुक किए जाते हैं, वहीं विधायक दीपेश ने इन सब से दूर रहने का फैसला किया। उनका यह कदम समाज के अमीर और रसूखदार लोगों को आईना दिखाने जैसा है। इस साहसिक फैसले से उन्होंने यह साबित कर दिया है कि जनप्रतितिधि सही मायने में जनता का हिस्सा होता है। प्रशासन द्वारा इस ऐतिहासिक (Deepesh Sahu Mass Marriage) को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि सादगी की इस मिसाल को हमेशा के लिए याद रखा जा सके।
23 गरीब और जरूरतमंद जोड़ों के साथ सजेगा विधायक का मंडप
बेसिक स्कूल मैदान में सजने वाला यह मंडप बेहद खास और ऐतिहासिक होने वाला है। इस मंडप में विधायक दीपेश और तरूणा साहू अकेले फेरे नहीं लेंगे, बल्कि वे क्षेत्र के 23 अन्य गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद जोड़ों के साथ बैठकर वैवाहिक जीवन में प्रवेश करेंगे। इस तरह इस आयोजन में कुल 24 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस सामूहिक विवाह के लिए जो आधिकारिक सूची जारी की है, उसमें सूरज-माधुरी, खिलानंद-सती, धनंजय-मधु, विजय-सोनिया और लिमेश-गीतांजली जैसे कई स्थानीय नाम शामिल हैं। इन गरीब जोड़ों के साथ जब खुद क्षेत्र का विधायक एक ही कतार में बैठकर विवाह रस्मों को पूरा करेगा, तो वह दृश्य निश्चित रूप से सामाजिक समरसता की एक अद्भुत मिसाल पेश करेगा और यही इस (Deepesh Sahu Mass Marriage) की सबसे बड़ी खूबसूरती होगी।
इस अनूठी पहल के पीछे विधायक का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ रही दिखावे की संस्कृति को रोकना है। आज के दौर में शादियों में कर्ज लेकर फिजूलखर्ची करना एक कुप्रथा बन चुका है, जिससे कई गरीब परिवार आर्थिक तंगी के दलदल में धंस जाते हैं। विधायक दीपेश साहू ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का हिस्सा बनकर समाज को यह कड़ा संदेश दिया है कि विवाह संस्कारों की पवित्रता सादगी में है, न कि लाखों-करोड़ों की चकाचौंध में। उनके इस फैसले से सामूहिक विवाह योजनाओं के प्रति आम जनता का दृष्टिकोण भी बदलेगा और लोग इसमें भाग लेने में गर्व महसूस करेंगे, जो इस (Deepesh Sahu Mass Marriage) का सबसे सकारात्मक पहलू है।
जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा, गवाह बनेंगे कई दिग्गज
बेमेतरा जिला प्रशासन इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार बनाने के लिए दिन-रात तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। चूंकि मामला एक मौजूदा विधायक और 23 अन्य जोड़ों का है, इसलिए सुरक्षा से लेकर टेंट, भोजन और अन्य वैवाहिक रस्मों की व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद की जा रही है। इस विवाह समारोह में शासन-प्रशासन के कई बड़े चेहरों, मंत्रियों और सामाजिक गुरुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। सभी लोग इस अनोखे विवाह के साक्षी बनकर नए जोड़ों को अपना आशीर्वाद देने बेमेतरा पहुंचेंगे। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण बन चुका है, जहां (Deepesh Sahu Mass Marriage) के जरिए राजनीति को समाज सेवा और सादगी से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि दीपेश साहू का यह कदम उनके राजनीतिक कद को जनता के बीच और ज्यादा मजबूत करेगा। जब एक जनप्रतिनिधि खुद को वीआईपी कोटे से बाहर निकालकर आम नागरिक की तरह सरकारी योजनाओं का लाभ लेता है, तो जनता के बीच उसका विश्वास कई गुना बढ़ जाता है। 31 मई को होने वाला यह सामूहिक विवाह सिर्फ एक वैवाहिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। बेमेतरा की धरती से उठने वाली सादगी की यह गूंज आने वाले समय में देश के अन्य नेताओं और रसूखदारों को भी अपनी जीवनशैली बदलने के लिए प्रेरित करेगी। हर कोई अब इस ऐतिहासिक (Deepesh Sahu Mass Marriage) के दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।




