सीजी भास्कर, 09 जून। सोशल मीडिया और शिक्षा जगत से जुड़ा एक विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुंच (Defamation Case) गया है। पिछले कुछ दिनों से चर्चा में चल रहे इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप के बीच अब कानूनी कार्रवाई शुरू होने से इस पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजरें टिक गई हैं।
मामले को लेकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भी बहस जारी है। एक ओर पक्ष अपनी बात रख रहा है तो दूसरी ओर अदालत में दायर याचिका के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस घटनाक्रम ने शिक्षा और मीडिया जगत दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
मानहानि को लेकर अदालत पहुंचीं पत्रकार : Defamation Case
वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। याचिका में उन पर अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है। मामले में 2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग भी की गई है।
अदालत ने जारी किया नोटिस
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने अंतरिम राहत पर तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया। हालांकि अदालत ने खान सर और अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित की गई है।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत 29 मई को एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान हुई टिप्पणी के बाद बताई जा रही है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हुआ और मामला लगातार चर्चा में बना रहा।
याचिका में लगाए गए कई आरोप
दायर याचिका में दावा किया गया है कि विभिन्न डिजिटल मंचों पर प्रसारित सामग्री में पत्रकार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल (Defamation Case) किया गया। साथ ही उन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
याचिका में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक मंचों पर परिवार से जुड़ी जानकारी साझा किए जाने के कारण उन्हें और उनके परिवार को अनचाहे ध्यान तथा सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ा। इसी आधार पर संबंधित सामग्री को हटाने की मांग भी की गई है।
अन्य लोगों को भी बनाया गया पक्षकार
इस मुकदमे में खान सर के अलावा कुछ अन्य शिक्षकों, सोशल मीडिया (Defamation Case) हैंडल्स और एक डिजिटल समाचार मंच को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि विवादित सामग्री के प्रसार में इनकी भी भूमिका रही है।



