सीजी भास्कर, 30 जनवरी | Dialysis Death Kabirdham : कवर्धा जिला अस्पताल में डायलिसिस के लिए लाई गई एक आदिवासी युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि डायलिसिस प्रक्रिया के बीच मशीन बंद कर दी गई, जिसके बाद युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं ।
मशीन बंद होते ही बिगड़ी हालत
परिजनों का कहना है कि डायलिसिस के दौरान मशीन बंद किए जाने से युवती को सांस लेने में दिक्कत शुरू हो गई। स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। इलाज में देरी और अव्यवस्था के कारण हालात काबू से बाहर हो गए।
पिता ने कंधे पर उठाकर बचाने की कोशिश की
हालात बिगड़ते देख युवती के पिता ने उसे अपने कंधे पर उठाया और ऑपरेशन थिएटर की ओर दौड़े। बताया जा रहा है कि ओटी तक पहुंचने से पहले ही युवती ने दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान भगवती धुर्वे (19 वर्ष), निवासी ग्राम चरखुरा के रूप में हुई है।
6 में से 1 मशीन महीनों से बंद
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में कुल छह मशीनें हैं, जिनमें से एक मशीन पिछले करीब दस महीनों से बंद पड़ी है। लंबे समय से खराब मशीन को दुरुस्त न कराए जाने को लेकर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना की खबर फैलते ही परिजन और आसपास के ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। गुस्साए लोगों ने नारेबाजी की और जिम्मेदार डॉक्टरों व स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की। कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई ।
जांच और जवाबदेही की मांग
परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और डायलिसिस स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर जांच के संकेत दिए गए हैं, लेकिन परिजन ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं ।




