सीजी भास्कर, 12 जून : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज डबल मर्डर केस (Double Murder Case) सामने आया है। पारिवारिक विवाद और लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश के चलते भतीजों ने अपने ही चाचा और चाची की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से दोनों शवों को बोरे में भरकर श्मशान घाट में दफना दिया। घटना का खुलासा पांच दिन बाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने शवों को कब्र से बाहर निकालकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरा मामला शोभा थाना क्षेत्र के राजापड़ाव स्थित गरीबा गांव का है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक राजाराम नेताम (45) और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम (40) खेती-किसानी कर अपना जीवनयापन करते थे। दंपति की कोई संतान नहीं थी। राजाराम अपने भाइयों के साथ संयुक्त परिवार में रहते थे, लेकिन लंबे समय से परिवार के भीतर विवाद और मनमुटाव की स्थिति बनी हुई थी। आए दिन किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी और झगड़े होते रहते थे।
पुलिस के अनुसार 6 जून को भी परिवार के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और भाई लखीराम नेताम तथा भतीजे रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम ने मिलकर राजाराम और उनकी पत्नी पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को बोरे में भरा और रात के अंधेरे में गांव के श्मशान घाट ले जाकर दफना दिया ताकि किसी को घटना की भनक न लग सके।
श्मशान घाट में मिली संदिग्ध कब्र से खुला राज
घटना का खुलासा 11 जून को उस समय हुआ जब गांव के एक अन्य व्यक्ति का निधन हो गया। अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीण श्मशान घाट पहुंचे तो वहां उन्हें ताजा खोदी गई कब्र दिखाई दी। ग्रामीणों को यह बात संदिग्ध लगी क्योंकि गांव में हाल के दिनों में किसी अन्य व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी।
इसी दौरान ग्रामीणों को कुछ दिनों से लापता चल रहे राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई की याद आई। संदेह गहराने पर मामले की जानकारी गांव के सरपंच तक पहुंची। बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक भतीजे ने सरपंच के सामने पूरी घटना का खुलासा कर दिया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
कब्र खोदकर निकाले गए शव
सूचना मिलने के बाद शोभा थाना प्रभारी पवन वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में श्मशान घाट में खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान दो शव बरामद हुए। जांच में पुष्टि हुई कि ये शव राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के ही हैं।
शव बरामद होने के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने घटना पर गहरा आक्रोश जताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल तीनों आरोपियों लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की उम्र 32 से 36 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस उनसे पूछताछ कर हत्या की पूरी साजिश, विवाद की असली वजह और वारदात के क्रम को लेकर जानकारी जुटा रही है। थाना प्रभारी पवन वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश हत्या का प्रमुख कारण सामने आया है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए अवशेष
पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें कब्जे में लिया। शवों के अवशेषों को आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (Forensic Science Laboratory) रायपुर भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।



