सीजी भास्कर, 29 अप्रैल : शादी का मंडप सजा था, बारात दरवाजे पर थी और रिश्तेदार खुशी-खुशी बारात का स्वागत कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल पूरी तरह बदल गया।
दूल्हा जैसे ही द्वार-चार की रस्म के लिए उतरा, वह शराब के नशे में लड़खड़ाने लगा। यह देख दुल्हन ने अपनी जिंदगी का बड़ा फैसला लेते हुए साफ कह दिया कि “मैं इस हालत में शादी नहीं करूंगी।” इस साहसी फैसले (Drunk Groom Wedding Cancelled in Bilaspur) का दुल्हन के पिता और परिवार ने भी समर्थन किया।
DJ की धुन पर थिरके बराती, नशे में धुत मिला दूल्हा
दरअसल मामला बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है। कोरमी के रहने वाले राजू मांडले की शादी कसडोल की सुनीता से तय हुई थी। 27 अप्रैल को राजू दूल्हा बनकर कसडोल पहुंचा था। बारात स्वागत के समय बाराती डीजे की धुन पर थिरक रहे थे, लेकिन जब दूल्हे को गाड़ी से नीचे उतारा गया, तब वह शराब के नशे में इतना धुत था कि ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। दूल्हे की इस हरकत (Drunk Groom Wedding Cancelled in Bilaspur) ने खुशियों के माहौल को हंगामे में बदल दिया।

मंडप से उठी आवाज: ऐसे इंसान से शादी नहीं
दुल्हन को जैसे ही दूल्हे के नशे में होने की जानकारी मिली, उसने रस्में शुरू होने से पहले ही विवाह से इंकार कर दिया। दुल्हन का कहना था कि जो व्यक्ति अपनी शादी के दिन मर्यादा में नहीं रह सकता, उसके साथ भविष्य सुरक्षित नहीं है।
जहां बारात का स्वागत होना था, वहां अब नाराजगी और विवाद शुरू हो गया। बवाल बढ़ते देख बाराती बिना खाना खाए ही रात में वहां से खिसकने लगे। इस (Drunk Groom Wedding Cancelled in Bilaspur) घटना ने समाज में नशे के दुष्परिणामों पर नई बहस छेड़ दी है।
7 बारातियों को बंधक बनाने का आरोप
विवाद इतना बढ़ा कि लड़की पक्ष ने दूल्हे, उसके पिता और कुछ रिश्तेदारों को बंधक बना लिया। उनका कहना था कि शादी की तैयारियों और पार्टी में जो खर्च हुआ है, उसकी भरपाई लड़का पक्ष को करनी होगी। दूल्हे के दादा मनीराम मांडले ने बताया कि लड़की वालों ने शुरुआत में 20 लाख रुपए की मांग की थी, जो सुबह बातचीत के बाद 7 लाख रुपए पर आकर रुकी।
यहां सामाजिक और आर्थिक नुकसान की भरपाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। (Drunk Groom Wedding Cancelled in Bilaspur) का यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।


