Durg Wildlife Crime : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम दनिया से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक ग्रामीण ने अपनी चने की फसल को लंगूरों से बचाने के चक्कर में एयरगन से उन पर फायरिंग कर दी। इस हमले में दो लंगूरों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वन विभाग और पुलिस ने त्वरित संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सबूत मिटाने की कोशिश, कुत्तों ने नोचा शव
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मामले को छिपाने की पूरी कोशिश की। उसने एक लंगूर के शव को चुपचाप जमीन में दफना दिया, जबकि दूसरे लंगूर के शव को खुले में फेंक दिया। खुले में पड़े शव को बाद में कुत्तों ने बुरी तरह नोच डाला। ग्रामीणों की सूचना पर जब वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तब इस जघन्य कृत्य का खुलासा हुआ।
एयरगन और छर्रे बरामद, PM में हुई पुष्टि
जांच टीम ने आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई एयरगन बरामद कर ली है। साथ ही जमीन में दफनाए गए लंगूर के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि लंगूरों की मौत एयरगन के छर्रे लगने के कारण हुई है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
कानून की नजर में गंभीर अपराध
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मारे गए लंगूर ‘हनुमान लंगूर’ प्रजाति के थे। यह प्रजाति वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इस अधिनियम के तहत इन जीवों को मारना या नुकसान पहुंचाना एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है।
आरोपी पहुंचा जेल
आरोपी के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए हिंसक तरीके न अपनाएं और वन्य जीवों के साथ सह-अस्तित्व बनाए रखें।



