गरियाबंद जिले के नक्सल प्रभावित जंगल और पहाड़ी इलाकों में चलाए गए E-30 Operation Success के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अलग-अलग दो स्थानों से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जिससे सुरक्षा बलों को संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली।
संयुक्त बलों की रणनीतिक कार्रवाई
यह कार्रवाई जिला पुलिस बल की ई-30 टीम, सीएएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त टुकड़ी द्वारा अंजाम दी गई। लंबे समय से संवेदनशील माने जा रहे क्षेत्रों में गुप्त सूचना के आधार पर सर्चिंग अभियान को अंजाम दिया गया, जो पूरी तरह योजनाबद्ध और सतर्कता के साथ किया गया।
जंगल और पहाड़ियों में छिपाया गया था नक्सली डंप
पुलिस के अनुसार प्रतिबंधित माओवादी संगठन धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़े नक्सलियों ने थाना मैनपुर अंतर्गत ग्राम कुकरार तथा थाना पीपरछेड़ी अंतर्गत ग्राम कमारभौदी के जंगल एवं पहाड़ी इलाकों में हथियार और विस्फोटक सामग्री डंप कर रखी थी। इनका उद्देश्य सुरक्षा बलों और ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाना बताया जा रहा है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली अहम सूचना
आत्मसमर्पित नक्सलियों से प्राप्त विश्वसनीय सूचना तंत्र के आधार पर 23 जनवरी 2026 को सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अभियान के दौरान बीडीएस टीम ने पूरे क्षेत्र की बारीकी से जांच की, जिसके बाद छिपाई गई सामग्री को सुरक्षित तरीके से बरामद किया गया।
बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री का विवरण
सर्चिंग के दौरान पुलिस को पुलिस बल से लूटी गई 01 नग 303 रायफल, 01 देशी पिस्टल, 12 बोर के 31 राउंड, 8 एमएम के 48 कारतूस, 43 डेटोनेटर, 02 सोलर प्लेट, 01 मल्टीमीटर, 02 वॉकी-टॉकी, 01 इन्वर्टर सहित अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुई।
विधिवत जप्त कर आगे की कार्रवाई शुरू
बरामद की गई सभी सामग्रियों को विधिवत जप्त कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है और संभावित हिंसक घटनाओं को समय रहते रोका गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को मिली मजबूती
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान नक्सल विरोधी रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लगातार चल रही कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क कमजोर हो रहा है और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिल रही है।


