सीजी भास्कर, 24 मई : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में बड़ा बदलाव करते हुए अब पूरी कार्यप्रणाली को डिजिटल मोड (E-Office System) में ले जाने का फैसला किया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अपने कार्यालय में सभी दैनिक प्रशासनिक कार्य, फाइल संचालन और पत्राचार को पूरी तरह ई-ऑफिस प्रणाली से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का दावा है कि इससे फाइलों की सुस्ती खत्म होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी कामकाज को नई रफ्तार मिलेगी।
अब हर फाइल ऑनलाइन, खत्म होगा कागजी झंझट
वन मंत्री के अनुसार अब तक विभिन्न विभागों से फाइलें ई-ऑफिस (E-Office System) के माध्यम से मंत्री कार्यालय तक पहुंचती थीं, लेकिन अब मंत्री कार्यालय से जारी होने वाली सभी फाइलें, आदेश और डाक प्रेषण भी पूरी तरह डिजिटल कर दिए गए हैं। इसके साथ ही कार्यालय का संपूर्ण पत्राचार अनिवार्य रूप से ऑनलाइन प्रणाली से ही किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से फाइलों के अटकने, देरी और अनावश्यक भागदौड़ पर रोक लगेगी। डिजिटल ट्रैकिंग से हर प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
ग्रीन ऑफिस मॉडल पर सरकार का जोर
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल केवल प्रशासनिक सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि “ग्रीन ऑफिस संस्कृति” को बढ़ावा देने की दिशा में भी बड़ा कदम है। फाइलों और दस्तावेजों के भौतिक परिवहन में कमी आने से सरकारी वाहनों का उपयोग घटेगा, ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
सरकार अब डिजिटल कार्यप्रणाली, ऑनलाइन बैठकों, ऊर्जा दक्षता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्राथमिकता दे रही है ताकि प्रशासन अधिक प्रभावी और पर्यावरण हितैषी बन सके।
सुशासन को नई गति देने की तैयारी
मंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था से समय की बचत होगी, प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार तकनीक आधारित सुशासन को लगातार बढ़ावा दे रही है ताकि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग जनकल्याण और विकास कार्यों में किया जा सके।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक तंत्र को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से ई-ऑफिस प्रणाली को सकारात्मक सोच के साथ अपनाने की अपील भी की गई है।
E-Office System से क्या होंगे बड़े फायदे
फाइलों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग
कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी
सरकारी दफ्तरों में समय की बचत
ईंधन और कागज की खपत कम होगी
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
जवाबदेही तय करना होगा आसान



