सीजी भास्कर, 19 जनवरी | रायपुर में ईडी की कथित कार्रवाई को लेकर चल रही चर्चाओं पर वरिष्ठ भाजपा नेता अजय चंद्राकर खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं, लेकिन वे राजनीति में मुकाबला करना जानते हैं। (ED Action Controversy) को लेकर उन्होंने साफ कहा—राजनीतिक लड़ाई आमने-सामने होती है, पीठ पीछे किए गए वार को संघर्ष नहीं कहा जा सकता।
विरोधियों पर निशाना | ‘देखते हैं पहले कौन चाल चलता है’
अपने निवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान अजय चंद्राकर ने तीखे शब्दों में कहा कि वे किसी भी तरह की राजनीतिक चुनौती से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि अगर कोई सीमा लांघेगा, तो जवाब भी उसी स्तर पर मिलेगा। यह बयान मौजूदा राजनीतिक माहौल में (Political Statement India) के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा संगठन पर टिप्पणी | छत्तीसगढ़ को मिलेगा लाभ
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्राकर ने कहा कि नई टीम में छत्तीसगढ़ के नेताओं की भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि संगठन में नेतृत्व की समझ रखने वाले लोग हैं, जो प्रदेश के नेताओं की क्षमता से भली-भांति परिचित हैं।
‘भर्ती प्रक्रिया सरकार तय करती है’
डीएड-बीएड अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर अजय चंद्राकर ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी आंदोलन की जानकारी पहली बार मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया तय नियमों के तहत चलती है—विज्ञापन जारी होता है, आवेदन मंगाए जाते हैं और चयन होता है।
कांग्रेस को खुली बहस की चुनौती
‘जी राम जी’ शब्द को लेकर कांग्रेस की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि यदि कांग्रेस को आपत्ति है, तो वह तथ्यों के साथ खुली बहस करे। उन्होंने कहा कि हर नीति या व्यवस्था में समय के साथ सुधार होता है और हर बदलाव का विरोध करना (Ideological Clash) को दर्शाता है, न कि समाधान को।
नाम पर राजनीति का आरोप
छत्तीसगढ़ रोजगार गारंटी योजना का जिक्र करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि राज्य के नाम से योजना जोड़ने पर पहले भी आपत्तियां आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग छत्तीसगढ़ की पहचान से ही असहज महसूस करते हैं, जबकि राज्य के हित में योजनाओं का स्थानीय स्वरूप जरूरी है।
कांग्रेस से जवाब की मांग
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि केवल बयानबाजी से सच्चाई नहीं बदलती। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्ववर्ती घटनाओं में मिले संसाधनों का क्या उपयोग हुआ, यह भी जनता को बताया जाना चाहिए। इसे उन्होंने (Political Accountability) से जोड़ा।
जनभावना के अनुरूप होगा आकार
राज्य के आगामी बजट को लेकर चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बजट लगातार विस्तार ले रहा है और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि बजट का स्वरूप जन अपेक्षाओं और जमीनी जरूरतों के अनुरूप होगा।




