सीजी भास्कर, 08 अप्रैल | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शिक्षा विभाग की एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने (Education Department Negligence) आया है। कोटा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा में चल रही वार्षिक परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों की गैर-जिम्मेदारी ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। यहाँ 9वीं और 11वीं कक्षा की महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात चार में से तीन शिक्षक केंद्र से नदारद रहे। आलम यह था कि एक ही शिक्षक को पूरी परीक्षा संचालित करानी पड़ी, जिससे न केवल व्यवस्था प्रभावित हुई बल्कि परीक्षा की शुचिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एक ही शिक्षक ने संभाला वितरण और निगरानी का जिम्मा (Education Department Negligence)
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह जब 9वीं और 11वीं के छात्र परीक्षा देने पहुंचे, तो केंद्र में सन्नाटा पसरा हुआ था। सुबह 9:30 बजे परीक्षा शुरू होने के वक्त तक केवल एक शिक्षक कौशल कुर्रे ही विद्यालय पहुंचे थे। बाकी के तीन शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे। शिक्षक कौशल कुर्रे ने अकेले ही मोर्चा संभालते हुए छात्रों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण किया। हद तो तब हो गई जब उन्हें एक साथ कई कक्षाओं की निगरानी (वीक्षण कार्य) भी अकेले ही करनी पड़ी।
अभिभावकों ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग
शिक्षकों की इस मनमानी और लापरवाही को लेकर छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वार्षिक परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय पर शिक्षक गायब (Education Department Negligence) रहेंगे, तो बच्चों के भविष्य का क्या होगा? एक ही शिक्षक के भरोसे परीक्षा कराना नियमों के विरुद्ध है और इससे नकल की संभावना भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
सिस्टम की लापरवाही आई सामने
खोंगसरा स्कूल की यह घटना जिले की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनुशासनहीनता को उजागर (Education Department Negligence) करती है। परीक्षा के दौरान शिक्षकों का इस तरह से नदारद रहना बताता है कि उन्हें न तो प्रशासन का डर है और न ही छात्रों के भविष्य की चिंता। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या कड़ा कदम उठाता है, ताकि भविष्य में इस तरह की अव्यवस्था दोबारा न हो।




