सीजी भास्कर, 19 सितम्बर |छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां Elephant Attack in Raigarh (हाथी का हमला रायगढ़) में एक वृद्धा की मौत हो गई। आधी रात को खेत के पास बनी झोपड़ी में सो रहे दंपत्ति पर हाथियों के झुंड ने धावा बोल दिया। महिला को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया, जबकि पति ने नदी के पत्थरों के बीच छिपकर अपनी जान बचाई।
आधी रात आया हाथियों का दल
यह घटना बाकारूमा रेंज की है। गुरुवार रात करीब 3 बजे जंगल से 12 हाथियों का झुंड (Elephant Herd) खेत के किनारे पहुंचा। उसी समय झोपड़ी में सो रहे 68 वर्षीय जगतराम मांझी और उनकी पत्नी फूलमेत बाई (65) को कुत्ते के भौंकने से आहट हुई। दोनों बाहर निकले, लेकिन हाथियों को देखते ही घबरा गए।
भागते-भागते खत्म हुई जिंदगी
Elephant Attack in Raigarh के दौरान दंपत्ति भागने लगे, मगर हाथियों में से एक ने फूलमेत बाई को पकड़ लिया। उसने दौड़ाकर हमला किया और पैरों तले कुचल दिया। यह मंजर देखकर जगतराम नदी किनारे भागे और वहां पत्थरों के बीच छिप गए। इसी दौरान हाथियों ने उनकी झोपड़ी को भी तोड़ डाला।
सुबह तक फैली दहशत
गांव में सुबह होते ही Elephant Attack in Raigarh की खबर फैल गई। वन विभाग की टीम और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। मौके पर जमा भीड़ में दहशत का माहौल था, क्योंकि हाथियों का यह दल बस्ती के नजदीक तक पहुंच चुका था।
पत्थलगांव से आया था झुंड
जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल पत्थलगांव की दिशा से बाकारूमा क्षेत्र में आया था। दिनभर जंगल में रुकने के बाद रात को खाने की तलाश में यह खेतों की ओर बढ़ा। झुंड में शावक (Elephant Calf) भी शामिल हैं, जिन्हें सुबह रैरूमा जंगल में घूमते हुए देखा गया।
पहले ही कराई गई थी मुनादी
लैलूंगा SDO एम.एल. सिदार ने बताया कि हाथियों की आवाजाही की सूचना पहले ही मिली थी। इस पर आस-पास के गांवों में कोटवार और सरपंच के माध्यम से मुनादी कराई गई थी। हालांकि, कुत्ते के लगातार भौंकने की वजह से हाथियों का ध्यान झोपड़ी की ओर चला गया और हादसा हो गया।
प्रशासन ने दी तात्कालिक मदद
वन विभाग ने मृतका के परिजनों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई है। Elephant Attack in Raigarh की इस घटना के बाद गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है। ग्रामीणों को रात में खेत या जंगल की ओर न जाने की सलाह दी गई है।





