सीजी भास्कर, 6 सितंबर : कोरबा में हाथियों का आतंक (Elephant Terror Korba) लगातार बढ़ता जा रहा है। अब हाथियों का झुंड दिन के समय भी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। ताजा मामला तनेरा गांव का है, जहां 10 से ज्यादा हाथियों के झुंड ने खेत में घुसकर धान की फसल खा ली।

कटघोरा वन मंडल में 50 से ज्यादा हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। तनेरा में हाथियों का आतंक (Elephant Terror Korba) देखने को मिला, जहां हाथियों का झुंड गांव के करीब खेतों तक पहुंच गया। झुंड में छोटे हाथी के बच्चे भी नजर आए।
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शोर मचाने के बाद भी खेत में डटा रहा झुंड Elephant Terror Korba
तनेरा गांव के खेतों में अचानक हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथी धान की फसल खाने लगे। ग्रामीणों ने सुरक्षित दूरी से शोर मचाकर उन्हें भगाने की कोशिश की। इसके बावजूद काफी देर तक हाथी खेत में ही मौजूद रहे। बाद में झुंड धीरे-धीरे जंगल की ओर चला गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, झुंड के गांव के बेहद करीब पहुंचने से डर का माहौल बना हुआ है। हाथियों के बच्चों को देखकर लोग उत्सुक भी नजर आए। हालांकि वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है।
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बच्चों को बीच में रखकर चलता है हाथियों का झुंड
वन विभाग के अनुसार, झुंड में रहने वाले हाथी आमतौर पर गांव के भीतर जाने से बचते हैं। वे छोटे हाथियों को झुंड के बीच में रखकर चलते हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा बनी रहती है। तनेरा में हाथियों का आतंक (Elephant Terror Korba) के बीच झुंड में कई छोटे हाथी भी दिखाई दिए।
वहीं झुंड से अलग घूम रहे दो दंतैल हाथी अलग चुनौती बने हुए हैं। वन विभाग के अनुसार, दोनों दंतैल लगातार मकानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हड़बड़ी के आसपास घूम रहा एक दंतैल शाम होते ही सड़क पर आ जाता है। इससे लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
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पसान-केंदई में फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान
हाथियों से सबसे ज्यादा नुकसान पसान और केंदई रेंज में बताया जा रहा है। दोनों रेंज एक-दूसरे से लगी हुई हैं। हाथियों का दल इसी क्षेत्र में लगातार आवाजाही कर रहा है।
धान की फसल तैयार होने के समय हाथियों के खेतों में पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। हाथियों का आतंक (Elephant Terror Korba) के कारण फसल नुकसान का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा और मुआवजे की मांग की है।
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हाथी मित्र दल के साथ निगरानी जारी
घटना की जानकारी के बाद वन विभाग की टीम सतर्क है। हाथी मित्र दल और वन कर्मचारी लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। लेकिन हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण फसलों को नुकसान से बचाना चुनौती बना हुआ है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के नजदीक न जाएं। उन्हें घेरने या उकसाने की कोशिश न करें। हाथियों की मौजूदगी की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। हाथियों का आतंक (Elephant Terror Korba) को देखते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
ग्रामीणों ने मांगा मुआवजा और सुरक्षा
लगातार बढ़ रही हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में फसल और जनसुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हाथियों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है। हाथियों का आतंक (Elephant Terror Korba) अब किसानों के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है।


