सीजी भास्कर, 05 जून : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (Environment Action CG) ने पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का ब्यौरा जारी किया है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत संचालित प्रदूषणकारी उद्योगों पर लगातार निगरानी रखते हुए जनवरी 2025 से मई 2026 तक 94 उद्योगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 82 उद्योगों के विरुद्ध उत्पादन बंद करने अथवा विद्युत विच्छेदन जैसी कठोर कार्रवाई की गई है।
96 उद्योगों पर 2.40 करोड़ से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में संचालित उद्योगों का नियमित निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर 96 उद्योगों पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार 125 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई।
इसके अलावा कच्चे माल, तैयार उत्पाद और औद्योगिक अपशिष्टों का बिना तारपोलिन ढंके परिवहन करने वाले 136 उद्योगों एवं संस्थानों पर 51 लाख 2 हजार 323 रुपये की अतिरिक्त क्षतिपूर्ति लगाई गई। वहीं बिना अनुमति फ्लाई ऐश परिवहन और डम्पिंग के मामलों में दो उद्योगों पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया इस प्रकार विभिन्न मामलों में कुल 3 करोड़ 03 लाख 67 हजार 448 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है।
सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ भी कार्रवाई
मंडल ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ भी सख्ती दिखाई है। भारत सरकार के Plastic Waste Management Amendment Rules 2021 और राज्य शासन के छत्तीसगढ़ प्लास्टिक एवं अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री नियम 2023 के तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय पर कार्रवाई की गई।
इस दौरान एक उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए 87 हजार 500 रुपये की क्षतिपूर्ति लगाई गई तथा उसके खिलाफ न्यायालय में परिवाद भी प्रस्तुत किया गया। एक अन्य उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति अधिरोपित कर उत्पादन बंद कराया गया। वहीं दो अन्य इकाइयों के खिलाफ भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई।
(Air Quality Index) में दर्ज हुआ सुधार
पर्यावरण संरक्षण मंडल के अनुसार रायपुर शहर में वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी के लिए 4 अत्याधुनिक Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations (CAAQMS) तथा 6 National Ambient Air Monitoring Programme (NAMP) स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं।
इन निगरानी प्रणालियों के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में रायपुर का औसत Air Quality Index (AQI) 65.38 दर्ज किया गया था, जो वर्ष 2025 में घटकर 62.86 रह गया है। यह लगभग 4 प्रतिशत सुधार को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार AQI का यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में आता है और प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे भी जारी रहेगी सख्ती
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। मंडल का कहना है कि प्रदेश में स्वच्छ व स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए निगरानी, प्रवर्तन और अनुपालन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से उद्योगों को नियमों के पालन के लिए लगातार प्रेरित करने के साथ-साथ उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।




