सीजी भास्कर, 07 फरवरी | छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक सड़क हादसे से जुड़ा मामला उस समय चर्चा में आया, जब दफनाए गए शव को तीन दिन बाद कब्र से बाहर निकालना पड़ा। (Exhumed Body After Accident) की यह घटना मगरलोड थाना क्षेत्र की है, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
इलाज के बाद घर लौटा था युवक
जानकारी के अनुसार, मगरलोड निवासी दशरथ यादव कुछ दिन पहले सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका इलाज जिले के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत में खास सुधार न होने पर परिजन उसे अस्पताल से घर ले आए थे। (Road Accident Case Dhamtari) के तहत यह मामला पहले से दर्ज था।
घर पर हुई मौत, बिना सूचना किया गया दफन
2 फरवरी को दशरथ यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी और घर पर ही उसकी मौत हो गई। अगले दिन, 3 फरवरी को परिजनों ने पुलिस को सूचित किए बिना शव को दफना दिया। इस दौरान न तो पोस्टमॉर्टम कराया गया और न ही किसी तरह की कानूनी अनुमति ली गई।
सूचना मिलते ही हरकत में पुलिस
जब यह जानकारी पुलिस तक पहुंची, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 फरवरी, शुक्रवार को प्रशासनिक अनुमति लेकर कब्र खोदने की कार्रवाई की गई। पुलिस की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया। (Police Exhumation Dhamtari) की यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की गई।
कानूनी प्रक्रिया पूरी
शव को बाहर निकालने के बाद नियमानुसार पोस्टमॉर्टम कराया गया, ताकि मौत के कारणों की स्पष्ट पुष्टि हो सके। थाना प्रभारी लक्ष्मीकांत शुक्ला ने बताया कि सड़क हादसे से जुड़ा मामला होने के कारण पोस्टमॉर्टम अनिवार्य था, लेकिन यह प्रक्रिया पहले नहीं अपनाई गई थी। (Postmortem Mandatory Case) के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जांच जारी, परिजनों से पूछताछ
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि परिजनों ने बिना सूचना शव को दफनाने का निर्णय क्यों लिया। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।




