अंबिकापुर के गांधीनगर वार्ड क्रमांक-2 में स्थित सिलफिली धान समिति में एक्सपायरी धान (बीज) को खपाने की कोशिश उस वक्त नाकाम हो गई, जब स्थानीय लोगों की सतर्कता ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। Expired Paddy Seed Scam से जुड़ा यह मामला अब जांच के दायरे में आ चुका है।
लाखों की बीज खेप समिति तक पहुंचाने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, करीब 300 बोरी एक्सपायरी धान जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 72 हजार रुपए बताई जा रही है, उसे समिति के जरिए मंडी में खपाने की योजना बनाई गई थी। आरोप है कि सुभाषनगर स्कूल पारा निवासी केशव मंडल और ब्रिज किशोर सिंह इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे ।
पैकेट फाड़े गए, सबूत मिटाने की कोशिश
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, बीज भंडार गृह में पुराने प्लास्टिक पैकेट फाड़कर धान को नए बोरो में भरा जा रहा था। इतना ही नहीं, एक्सपायरी तारीख वाले पैकेटों को आग में जलाकर नष्ट किया जा रहा था, ताकि पहचान और प्रमाण खत्म किए जा सकें। यही गतिविधि संदेह की वजह बनी।
फूड इंस्पेक्टर की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही फूड इंस्पेक्टर चित्रकांत ध्रुव तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। जांच के बाद 300 बोरी धान को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामग्री की गुणवत्ता और वैधता की विस्तृत जांच की जा रही है।
किसानों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सपायरी बीज किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे मामलों में केवल व्यापारिक धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि कृषि व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





