सीजी भास्कर, 07 जून : खरीफ सीजन से पहले किसानों को उचित मूल्य पर खाद (Fertilizer Black Marketing) उपलब्ध कराने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद की कालाबाजारी का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान पाया गया कि किसानों को निर्धारित कीमत से दोगुने से अधिक दर पर खाद बेची जा रही थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं किसान बनकर खाद दुकान पर पहुंचे और खरीदारी का प्रयास किया।
किसान बनकर पहुंचे अधिकारी, मौके पर खुली पोल
कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग जिले में खाद (Fertilizer Black Marketing) वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। लैलूंगा विकासखंड में जांच के दौरान उप संचालक कृषि किसान के वेश में एक खाद दुकान पहुंचे। वहां उन्होंने सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) खाद खरीदने की इच्छा जताई।
जांच में सामने आया कि लगभग 750 रुपये प्रति बोरी कीमत वाली खाद किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी में बेची जा रही थी। यानी प्रति बोरी एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि होते ही विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
गोदाम सील, 74 बोरी खाद जब्त
प्रशासन ने लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स पर कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया। मौके से 74 बोरी खाद जब्त की गई। इसके साथ ही दुकान में खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है।
दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के हितों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर ने कहा है कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी मजबूरी का कोई अनुचित लाभ न उठा सके।
जिलेभर में चलेगा जांच अभियान
कृषि विभाग (Fertilizer Black Marketing) के अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में जिले के विभिन्न विकासखंडों में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों के भंडारण एवं विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने, स्टॉक छिपाने या कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी शामिल रहे।
किसानों से शिकायत करने की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या प्रशासन को दें। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और पारदर्शी खाद वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।



