सीजी भास्कर, 15 जनवरी | रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में कारोबारी जगत से जुड़ा एक गंभीर वित्तीय गबन का मामला सामने (Financial Fraud Raipur) आया है। यहां एक निजी कंपनी में काम कर रहे मैनेजर ने वर्षों तक बिलिंग में हेराफेरी कर करीब 70 लाख रुपये से अधिक की रकम गबन कर ली। मामला तब उजागर हुआ, जब कंपनी के जनरल मैनेजर ने नियमित ऑडिट के दौरान खातों में असामान्य गड़बड़ी पकड़ी।
ऑडिट रिपोर्ट सामने आते ही कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जनरल मैनेजर ने तत्काल इसकी जानकारी डायरेक्टर को दी और उनके निर्देश पर खमतराई थाने में पूर्व मैनेजर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
ऑडिट ने खोला पूरा खेल
पुलिस को दी गई शिकायत में केतन चौधरी ने बताया कि वे धनेली, बिरगांव स्थित रामा मोटोकॉर्प प्राइवेट लिमिटेड में जनरल मैनेजर (पार्ट्स) के पद पर कार्यरत हैं। यह कंपनी टाटा मोटर्स के ट्रक डीलरशिप (Financial Fraud Raipur) का संचालन करती है।
कंपनी में मुनीर अहमद मैनेजर के पद पर कार्यरत था और पार्ट्स की बिलिंग व डिस्पैच की पूरी जिम्मेदारी उसी के पास थी। आरोप है कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच उसने पार्ट्स की बिलिंग में हेराफेरी कर कंपनी के खातों से बड़ी रकम निकाल ली।
जब लंबे समय की बिलिंग का मिलान किया गया, तब करीब 70 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई। ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी उजागर होते ही आरोपी ने अचानक ऑफिस आना (Financial Fraud Raipur) बंद कर दिया।
कैसे पकड़ा गया गबन
कंपनी में पार्ट्स स्टॉक और बिलिंग का मिलान किया गया तो कागजों में दर्ज आंकड़े और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर पाया गया। इसी तकनीकी जांच ने पूरे फर्जीवाड़े की परतें खोल दीं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
जनरल मैनेजर की शिकायत पर खमतराई थाना पुलिस ने आरोपी पूर्व मैनेजर मुनीर अहमद के खिलाफ आपराधिक गबन और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज (Financial Fraud Raipur) कर लिया है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और लेन-देन से जुड़े सभी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस का बयान
विवेचना अधिकारियों के अनुसार, “डीलरशिप प्रबंधन की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। ऑडिट रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”





