सीजी भास्कर, 22 अगस्त : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के जरिए ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मछली पालन (Fish Farming) को भी ग्रामीणों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में लखनपुर में मछली बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मछली पालन से बढ़ेंगे आजीविका के अवसर
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के तहत जनपद पंचायत लखनपुर में ग्राम पंचायत स्तरीय मछली बीज वितरण कार्यक्रम हुआ। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम में सहभागिता की और ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने की पहल की सराहना की।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और गांव के लोगों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मछली पालन जैसे स्थानीय संसाधन आधारित व्यवसाय (Fish Farming) ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर जोर
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ महिला समूहों तक पहुंचाकर उन्हें कृषि, पशुपालन, मछली पालन (Fish Farming), लघु उद्यम और अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय संसाधनों से आय बढ़ाने की पहल
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय कौशल का बेहतर इस्तेमाल कर अधिक से अधिक परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जा सकता है। मछली बीज वितरण से ग्रामीणों को मछली पालन के लिए आवश्यक आधार मिलेगा और वे इसे आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार मजबूत होने के साथ गांव की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलती है।
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आकांक्षी विकासखण्डों में विकास पर फोकस
मंत्री ने कहा कि आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि विकास की मुख्यधारा से गांव का प्रत्येक परिवार जुड़े और स्थानीय स्तर पर ही आय के पर्याप्त साधन विकसित हों।
उन्होंने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और वह आत्मनिर्भर बन सके।
ग्रामीणों को वितरित किया गया मछली बीज
कार्यक्रम के दौरान मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण हितग्राहियों को मछली बीज का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं से उन्हें अपने गांव में ही आय का नया साधन मिल रहा है।
मछली पालन (Fish Farming) के जरिए ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कार्यक्रम में लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।




