सीजी भास्कर, 07 फरवरी | दुर्ग में सामने आए (Forex Trading Fraud Durg) मामले में साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर 48 लाख 67 हजार 500 रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। यह ठगी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।
पीड़ित की शिकायत से खुला मामला
पीड़ित ने 9 अक्टूबर 2025 को साइबर थाना दुर्ग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि इंस्टाग्राम पर दिखे एक फॉरेक्स ट्रेडिंग लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे किस्तों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने कुल 48.67 लाख रुपये ऐंठ लिए, जो (Instagram Trading Scam) का हिस्सा था।
तकनीकी जांच में बड़ा खुलासा
साइबर पुलिस ने डिजिटल ट्रैकिंग, बैंकिंग डाटा और मोबाइल लोकेशन के आधार पर लेन-देन की परतें खोलीं। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाया जा रहा था। इसी दौरान यह तथ्य सामने आया कि बड़ी रकम अहमदनगर जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में संचालित एक ट्रस्ट खाते में आरटीजीएस के जरिए भेजी जा रही थी, जो (Trust Account Money Transfer) के जरिए रकम छिपाने की साजिश थी।
आंध्र प्रदेश से शुरू हुई गिरफ्तारी की कड़ी
इससे पहले साइबर टीम आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले से गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ और दस्तावेजों के आधार पर यह साफ हुआ कि ठगी का नेटवर्क राज्य से बाहर तक फैला हुआ है और रकम को सुरक्षित करने के लिए कई स्तर बनाए गए थे।
तीसरा आरोपी गिरफ्तार: शिर्डी लिंक से जुड़ा मामला
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मनोहर लक्ष्मण मोरे (46), निवासी संगनमेयर, जिला अहमदनगर (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि शिर्डी क्षेत्र में ट्रस्ट के नाम पर खाता खुलवाकर ठगी की राशि मंगवाई जाती थी, जिससे शक से बचा जा सके।
सबूत जब्त, आरोपी जेल रवाना
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। (Cyber Police Durg Action) के तहत मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और धन के ट्रेल की जांच जारी है।




